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लखीमपुर की घटना के विरोध में शहर से देहात तक किसानों का प्रदर्शन, फूंके पुतले

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रुड़की में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर लखीमपुर खीरी में हुई घटना के विरोध में प्रदर्शन ? - फोटो : ROORKEE
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लखीमपुर की घटना के विरोध में शहर से देहात तक किसानों का गुस्सा फूटा। किसानों ने जगह-जगह धरना प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। उन्होंने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त कर दोषियों पर कार्रवाई करने, मृतक किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा और घायलों को 50-50 लाख रुपये दिए जाने की मांग की। साथ ही मांगें पूूरी नहीं होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई। किसानों ने जगह-जगह केंद्र और यूपी सरकार के पुतले फूंके। घटना के विरोध में कांग्रेसियों ने भी जगह-जगह प्रदर्शन किया।
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सोमवार को भाकियू रोड़ गुट ने रुड़की के प्रशासनिक भवन में पंचायत कर सरकार पर हमला बोला। इसके बाद किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इससे पूर्व बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और मंत्रियों को काले झंडे दिखाकर कृषि कानूनों का गलत दर्शा रहे हैं। इसी के तहत लखीमपुर खीरी में भी किसानों ने काले झंडे दिखाए, लेकिन मंत्री के बेटे और भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसानों पर कार चढ़ा दी, जिससे पूरे देश के किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड के लोग चक्का जाम कर प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नाजिम अली, युवा जिला उपाध्यक्ष संजीव कुशवाहा, मुबारिक अली, हाजी इरशाद, शहजाद आलम, अनीस अहमद, रियासत अली, लालचंद, मांगेराम, शोभाराम, अरशद मौजूद रहे।
उधर, उत्तराखंड किसान मोर्चा ने तहसील स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि जिस तरह किसानों को गाड़ी से कुचला गया वह एक गहरी साजिश है। गृह राज्य मंत्री के बेटे इस घटना में शामिल रहे। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की गई। मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग की गई। मृतक आश्रितों के परिजनों को सरकारी नौकरी की मांग भी की गई। इस दौरान महकार सिंह, सुरेंद्र लंबरदार, आकिल हसन, समीर आलम, दीपक पुंडीर, योगेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, मुकर्रम अली, ईलम सिंह, धर्मवीर सिंह, ज्ञानचंद, सरवर, अनिल सैनी, अब्दुल गनी आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा
लखीमपुर खीरी की घटना से नाराज उत्तराखंड किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
मोर्चा के खानपुर ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में अपनी तानाशाही चलाना चाहती है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे ने निर्दोष किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर चार की हत्या कर दी। किसानों ने मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा और सीबीआई जांच कराकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। इसके बाद तहसीलदार मुकेश चंद रमोला को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्र चौधरी, सतवीर चौधरी, नसीम अहमद, पवन सिंह, विपिन कुमार, बचन सिंह, जोगेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, सचिन कुमार मौजूद थे। उधर, पोडोवाली गांव में भी किसानों ने प्रदर्शन किया। पूर्व प्रधान संजय चौधरी ने कहा कि भाजपा की सरकार अंग्रेजों की तरह देश में फूट डालकर राज करना चाहती है। बाद में किसानों ने सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान गगन कुमार, बचन सिंह, रामसिंह, रघुवीर सिंह, कंवरपाल, नीरज कुमार, लोकेंद्र सिंह, योगेश कुमार, अंकुल, जसवीर सिंह, रामकुमार, सोनू, सरेश कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी की घटना से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर और मौन धारण कर प्रदर्शन किया। इसके बाद महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत की अगुवाई में बालावाली तिराहे से पैदल मार्च निकालकर गिरफ्तारी देने लक्सर कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने गिरफ्तारी से इनकार किया तो कार्यकर्ता कोतवाली में ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान डॉ. उमादत्त शर्मा, चौधरी सत्यवीर सिंह, रतेंद्र तिवारी, जगदेव सिंह, अरुण चौधरी, विनोद चौधरी, कामिल, जहांगीर, रजत चौधरी मौजूद रहे। वहीं, मंगलौर में पूर्व दर्जाधारी चौधरी आदित्य राणा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने रोडवेज बस अड्डे पर इकट्ठा होकर भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सांकेतिक रूप से जाम लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर प्रमोद कुमार, परवेज आलम, नरेंद्र चौधरी, नरेश राणा, अंकुश राणा, राजेंद्र शर्मा, मोनू नागर मौजूद रहे। संवाद
‘किसानों की आवाज नहीं दबने देंगे’
कांग्रेस सेवादल के प्रदेश सचिव जयवीर पंवार ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि भाजपा किसानों की आवाज दबाने का कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस सेवादल किसानों के साथ हो रहे अन्याय को सहन नहीं करेगा। इसके लिए संगठन धरना-प्रदर्शन से भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसानों से मिलने लखीमपुर जा रहीं प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर पुलिस ने बड़ी गलती की है। उनकी गिरफ्तारी से पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इस दौरान सुलेमान मलिक, अरविंद, योगेंद्र, आर्यन, सुभाष, अशोक, शहजाद, नरसिंह, गफ्फार, विश्वास, जब्बार, आदिल, रोहित मौजूद रहे। संवाद
प्रदर्शन कर सरकार पुतला फूंका
हाईवे पर भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी के नेतृत्व में किसानों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। साथ उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। विकास सैनी ने कहा कि लखीमपुर में जिस प्रकार से बर्बरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया गया है, वह किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सांकेतिक रूप से जाम भी लगाया गया। मौके पर प्रदेश कोषाध्यक्ष मुकेश पुंडीर, प्रदेश प्रवक्ता खुशाल सैनी, प्रदेश सचिव प्रवीण चौधरी, विनोद प्रजापति, जसवीर सिंह, फिरोज, अनूप सैनी मौजूद रहे। संवाद
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