युद्ध का सीधा असर इन औद्योगिक इकाइयों पर पड़ने लगा है। फार्मा कंपनियों में यूक्रेन और आसपास के अन्य शहरों से दवाओं के कच्चे माल और पैकेजिंग के रूप में एल्युमीनियम का आयात होता है। युद्ध के बाद कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी होने लगी है।
व्यापारियों का ये है कहना
फार्मा एसोसिएशन भगवानपुर के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि युद्ध के चलते एल्युमीनियम के दाम में 100 रुपये किलो की बढ़ोतरी हो गई है। जो एल्युमीनियम पहले 300 रुपये तक आ रहा था, उसकी कीमत अब 400 रुपये तक हो गई है। इसका असर अब दवाइयों की कीमतों पर भी पड़ना तय है। उन्होंने बताया कि अब जो हालात बन रहे हैं, उसमें कच्चा माल आने का भी संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, भगवानपुर इंडस्ट्री एसोसिएशन के एग्जीक्यूटिव सदस्य तरुण सुराना ने बताया कि यूक्रेन में छिड़े युद्ध से पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी हो रही है और प्लास्टिक के दाने की कीमत पेट्रोलियम के दामों के आधार पर तय होती है। उन्होंने बताया कि अब तक प्लास्टिक के दाने की कीमत में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। जो प्लास्टिक का दाना पहले 130 से 220 रुपये किलो तक मिल रहा था वह अब 140 से 245 रुपये तक पहुंच गया है।
ऐसे में अब प्लास्टिक दाने से जुड़ें उद्योगों में कच्चे की माल की मांग बढ़ गई है। उन्होंने खुद माल की डिमांड दोगुनी कर दी है। क्योंकि, हालात यही रहे तो आने वाले समय में कच्चे माल के दाम और बढ़ेंगे। साथ ही माल की कमी भी आ सकती है।