कार्ड बदलकर ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए ठगी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसकी निशानदेही पर पुलिस 19 एटीएम कार्ड, सोने की चेन, चार अंगूठी और एक मंगलसूत्र बरामद किया है। जबकि गिरोह में शामिल दंपति समेत तीन आरोपी अब तक फरार हैं।
शुक्रवार को गंगनहर कोतवाली में ठग गिरोह का खुलासा करते हुए एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि शक्ति विहार कालोनी निवासी आलिम और नेहरू नगर निवासी विमला का उस समय किसी ने एटीएम कार्ड बदल लिया था जब वह एटीएम पर रुपये निकालने आए थे। उसके बाद दोनों के एटीएम कार्ड से किसी ने ऑनलाइन शॉपिंग कर खाते खाली कर दिए। दोनों पीड़ितों की तहरीर पर गंगनहर कोतवाली में मुकदमे दर्ज हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गिरोह की तलाश कर रही थी। 22 दिसंबर को पुलिस टीम को सूचना मिली कि आजाद नगर चौक पर एटीएम कार्ड बदलने वाले ठग गिरोह के दो बदमाश एक कार में है।
पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी का एक को दबोच लिया। जबकि दूसरा फरार हो गया। दबोचे गए ठग ने अपना नाम अरुण कुमार निवासी गलीला चौक, उत्तराखंड कालोनी, सहारनपुर बताया। उसने बताया कि उसके गिरोह में संदीप, संदीप की बहन अनीता और जीजा विजेंद्र सिसौदिया भी शामिल हैं। वह सभी मिलकर लोगों के एटीएम कार्ड बदलते हैं फिर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। संदीप, अनीता और विजेंद्र तीनों गली नंबर-20, कृष्णानगर, रुड़की में रहते हैं। एसपी देहात ने बताया कि पुलिस टीम उनकी तलाश कर रही है। आरोपी से 19 एटीएम कार्ड, सोने की चेन, चार अंगूठी, मंगलसूत्र, खाने-पीने का सामान बरामद हुआ है। मौके पर सीओ रुड़की स्वप्न किशोरी सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह, एसएसआई देवराज शर्मा आदि मौजूद रहे।
जिससे पूछताछ में खुलासा, पुलिस उसे बता रही फरार
एटीएम कार्ड बदलकर ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले जिस गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है उस गिरोह की महिला तीन दिन पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुकी थी। जिस ज्वेलर के यहां से महिला ने ऑनलाइन शॉपिंग की थी उस दुकान की सीसीटीवी फुटेज और दुकान मालिक ने गंगनहर कोतवाली पहुंचकर उसकी पहचान भी की थी लेकिन, शुक्रवार को उस समय सब हैरान हो गए जब गंगनहर कोतवाली में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान बताया गया कि अनीता निवासी कृष्णानगर, उसका पति विजेंद्र सिसौदिया और भाई संदीप फरार है। जबकि अनीता को पुलिस तीन दिन पहले पकड़ चुकी थी। उसी से पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ है। माल की बरामदगी भी हुई। ऐसे में महिला आरोपी को फरार क्यों दिखाया गया है इस बारे में कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।