जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी की ओर से लंढौरा के बवालियों पर कार्रवाई न होने के खिलाफ ईद के दिन लंढौरा में धर्म संसद के ऐलान के मद्देनजर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके मद्देनजर बृहस्पतिवार को कालिका पीठाधीश्वर सुरेंद्र मुनि तथा डासना यूपी से आए नरसिम्हानंद महाराज ने रुड़की पहुंचकर मंत्रणा की।
बृहस्पतिवार को स्वामी यतींद्रानंद गिरी के रुड़की स्थित नंद विहार आश्रम में पीठाधीश्वर सुरेंद्र मुनि तथा नरसिम्हानंद महाराज ने धर्म संसद के आयोजन को लेकर बातचीत की। इस दौरान भाजपा के कई नेता भी मौजूद रहे जिसमें धर्मगुरुओं ने लंढौरा में हुए बवाल की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही प्रदेश सरकार पर बवाल के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई न किए जाने की निंदा की। इस दौरान धर्मगुरुओं ने बवालियों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में विशाल धर्म संसद आयोजित करने की बात कही। साथ ही बताया कि धर्म संसद में देश भर से एक हजार से अधिक साधु संत सम्मिलित होंगे। यहां से मंत्रणा के बाद दोनों धर्मगुरु इस मुद्दे पर संतों से विचार विमर्श के लिए हरिद्वार रवाना हो गए। ऐसे में भाजपा नेता कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की महापंचायत के ऐलान के बाद अब धर्मसंसद के आयोजन को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।