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कुंवर प्रणव चैंपियन की तैयारियों पर फिरा पानी

Thu, 09 Jun 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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महापंचायत के लिए पहुंचते चैंपियन के समर्थक - फोटो : amarujala
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महापंचायत को लेकर की गई तैयारियों पर बृहस्पतिवार को पानी फिर गया। शासन प्रशासन की सख्ती के कारण उत्तराखंड छोड़कर यूपी के पुरकाजी थानाक्षेत्र के शेरपुर खादर गांव में महापंचायत की रणनीति वहां भी विफल हो गई। उत्तराखंड में पुलिस की नाकेबंदी देखते हुए प्रणव चैंपियन ने शेरपुर खादर में महापंचायत का निर्णय लिया था, जहां सुबह 11 बजे तक करीब पांच हजार लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई थी, लेकिन यूपी सरकार और शासन प्रशासन की सख्ती के कारण चैंपियन ने कदम पीछे खींच लिए। बमुश्किल शेरपुर खादर गांव पहुंचे चैंपियन ने यूपी प्रशासन के अनुरोध पर महापंचायत स्थगित कर दी। साथ ही जल्द उत्तराखंड में महापंचायत करने की बात कहकर चलते बने।
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बीते रोज लक्सर क्षेत्र के गगनौली गांव में महापंचायत के लिए लगाए जा रहे टेंट और तंबू जब्त करने के बाद बृहस्पतिवार को कुंवर प्रणव सिंह चैपिंयन उत्तराखंड की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के शेरपुर खादर गांव में समर्थकों के साथ महापंचायत करने पहुंचे। सुबह से ही यहां समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। करीब 11 बजे तक शेरपुर खादर में पांच हजार लोगों की भीड़ जमा हो गई, इसकी सूचना मिलते ही उत्तराखंड के साथ यूपी प्रशासन भी सक्रिय हो गया। क्षेत्र में महापंचायत की सूचना मिलते ही मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी दिनेश सिंह ओर एसएसपी दीपक कुमार भारी पुलिस बल के साथ शेरपुर खादर गांव पहुंच गए। भारी भीड़ को देखते हुए मुजफ्फरनगर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में पुलिस प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स को मौके पर बुला लिया। करीब सवा ग्यारह बजे कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पुरकाजी पुलिस को चकमा देकर शेरपुर खादर गांव में पहुंच गए। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के पहुंचते ही उनके समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। इसके बाद चैंपियन जिंदाबाद व हरीश रावत विरोधी नारे लगाने लगे। इसके बाद मुजफ्फरनगर प्रशासन ने कुंवर प्रणव सिंह चैपिंयन से महापंचायत न करने का अनुरोध किया। पहले तो समर्थक महापंचायत की जिद पर अड़े रहे, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे चैंपियन और समर्थकों की एक न चली। इसके बाद  मौके पर प्रणव चैंपियन ने जल्द ही उत्तराीखंड में महापंचायत का ऐलान कर हाथ पीछे खींच लिए।  

चंद कदम बढ़े और फिर ठिठके चैंपियन के कदम
महापंचायत को लेकर कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बैकपुट पर आने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शेरपुर खादर में प्रशासन के विरोध के चलते कुंवर प्रणव सिंह ने उत्तराखंड में जाकर महापंचायत करने का एलान किया। इसके बाद समर्थकों के साथ वो उत्तराखंड में प्रवेश के लिए आगे भी बढ़े, लेकिन चंद कदमों के बाद ही उनके पैर लड़खड़ा गए। अचानक उन्होंने महापंचायत स्थगित करने का फैसला ले लिया। चैंपियन का यह रुख उनके समर्थकों के गले नहीं उतर रहा है।
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महापंचायत को लेकर कुंवर प्रणव चैंपियन और उनके समर्थक पिछले कई दिनों से तैयारी में जुटे थे। वहीं उत्तराखंड सरकार और शासन प्रशासन ने  अधीनस्थों से साफ तौर पर कह दिया था कि किसी भी हाल में प्रदेश का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके  चलते उत्तराखंड पुलिस प्रशासन ने महापंचायत को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। लक्सर क्षेत्र के साथ ही खानपुर बार्डर पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके की नजाकत समझते हुए चैंपिंयन ने लक्सर और खानपुर क्षेत्र में महापंचायत न करते हुए शेरपुर खादर में महापंचायत का फैसला लिया। लेकिन यूपी प्रशासन की सख्ती के कारण शेरपुर खादर में भी महापंचायत नहीं हो सकी। इससे पहले मुजफ्फरनगर के डीएम और एसएसपी के पहुंचने पर चैंपियन ने उत्तराखंड की सीमा में महापंचायत करने की बात कही, लेकिन कुछ ही कदम उत्तराखंड की ओर चलने के बाद कुंवर प्रणव सिंह ने महापंचायत स्थगित करते हुए जल्द ही उत्तराखंड में महापंचायत का ऐलान कर दिया। इसके बाद चैंपियन मौके से चले गए, लेकिन समर्थकों के आगे बैकफुट पर आने का सवाल छोड़ गए।  
चप्पे-चप्पे पर रहा पुलिस का पहरा
खानपुर/लक्सर। महापंचायत रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने लक्सर खानपुर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया था।
 लक्सर खानपुर मार्ग पर दाबकी तिराहा, गंगनौली, गोवर्धनपुर, खानपुर यूपी बार्डर, कुंआखेड़ा, बहादरपुर, लक्सर रायसी मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसके चलते सामान्य यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महापंचायत में पहुंचने के संदेह पर पुलिस ने आम यात्रियों की भी तलाशी ली और पूछताछ की। इन सभी स्थानों में खानपुर यूपी बार्डर सबसे संवदेनशील रहा है। इस स्थान पर अपरजिलाधिकारी जीवन सिंह नग्नयॉल व एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारियों के साथ मोर्चा संभाला। अधिकारियों को इस बात का डर सता रहा था कि शेरपुर खादर में महापंचायत न होने पर चैंपियन अपने समर्थकों के साथ उत्तराखंड में प्रवेश कर महापंचायत कर सकते हैं।

डर से गोवर्धनपुर बाजार रहा बंद
महापंचायत करने की घोषणा के कारण गोवर्धनपुर गांव में लगभग साठ दुकानें बंद रही।   महापंचायत के दौरान किसी प्रकार के बवाल से बचने के लिए गोवर्धनपुर के दुकानदारों ने बृहस्पतिवार को पूरी तरह आजार बंद रखी।
उत्तराखंड पुलिस की चुनौती बरकरार
लक्सर/खानपुर। महापंचायत स्थगित होने पर उत्तर प्रदेश के साथ साथ उत्तराखंड पुलिस ने भी राहत की सांस तो ली है, लेकिन उत्तराखंड पुलिस प्रशासन के लिए अभी चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कारण कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने मौके पर जल्द ही उत्तराखंड में महापंचायत करने का दावा किया है।  

महापंचायत में जा रहे भाजपाइयों को रास्ते में रोका 
महापंचायत में शामिल होने जा रहे भाजपा नेताओं एवं समर्थकों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। महापंचायत टलने के बाद ही इन्हें छोड़ा गया। लक्सर विधायक संजय गुप्ता को लक्सर स्थित रुड़की तिराहे पर औरं पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन एवं अन्य नेताओं को नारसन बार्डर से ही लौटा दिया गया। भगवानपुर क्षेत्र के करौंदी में भी समर्थकों को महापंचायत कूच करने से पहले ही गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। बाद में भी इन्हें भी छोड़ दिया गया। 

पुलिस प्रशासन की ओर से यूपी के शेरपुर खादर गांव में महापंचायत के मद्देनजर जगह-जगह नाकेबंदी की गई थी। लक्सर विधायक संजय गुप्ता जैसे ही लक्सर में रुड़की तिराहे पर पहुंचे तो उन्हें समर्थकों के साथ रोककर लक्सर कोतवाली ले जाया गया। महापंचायत के समाप्त होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।   इसके अलावा रुड़की के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन अश्वनी कौशिक, आदेश सैनी,  अमन त्यागी, कुंवर नागेश्वर एवं ऋषिपाल आदि नारसन और पुरकाजी से महापंचायत स्थल पर पहुंचने के लिए गाड़ियों के साथ निकले थे। इन्हें नारसन बार्डर से लौटा दिया। वहीं भगवानपुर क्षेत्र के करौंदी निवासी सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौहान के नेतृत्व में महापंचायत में शामिल होने जा रहे दर्जन भर भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने यहां पहुंचकर हिरासत में ले लिया। इन्हें भगवानपुर थाने लाकर करीब दो घंटे बाद रिहा कर दिया गया। इसके अलावा और जगहों पर भी पुलिस ने महापंचायत के लिए जा रहे कार्यकर्ताओं को वापस लौटा दिया। 
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