कई मोहल्लों में लोगों के घरों में बिजली की सप्लाई नीचे से जर्जर हो चुके बिजली के खंभों से हो रही है। अक्सर ये जर्जर खंभे गिरकर बड़े हादसे का कारण बन जाते हैं। इसके बावजूद ऊर्जा निगम इन खंभों को बदलवाने को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
ऊर्जा निगम के अधिकारी बकाया वसूली के लिए पूरी सख्ती से कार्रवाई करते हैं। बकाया नहीं देने पर लोगों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, लेकिन जब सुविधाएं देने की बात आती है तो अधिकारी किनारा कर लेते हैं। यही वजह है कि ऊर्जा निगम के उपभोक्ताओं को हर दिन अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहरी क्षेत्र में रामनगर, कृष्णानगर, आजादनगर, दुर्गा कॉलोनी, सती मोहल्ला, शिवपूरम, सिविल लाइंस, दयालबाग कॉलोनी, सोलानीपुर, माजरा आदि कॉलोनियों में बिजली के खंभे नीचे से जर्जर हो चुके हैं। कुछ खंभे ऐसे हैं, जो किसी वजह से बीच से टूटने के कगार पर पहुंच गए हैं। कुछ खंभों की स्थिति ऐसी है कि वे हल्की हवा भी बरदाश्त नहीं कर सकते।
ऐसे में इन खंभों के पास से गुजरते समय लोगों को डर लगता है। यदि खंभे गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। कॉलोनी के लोग कई बार जर्जर खंभों को बदलवाने के लिए विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। वार्ड नंबर एक के माजरा में लोगों के घरों के सामने कई खंभे जर्जर हालत में है। स्थिति ऐसी है कि खंभे कभी भी गिर सकते हैं। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार, मंगत राम, मनोज कुमार आदि का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद खंभों को नहीं बदला जा रहा है। ऊर्जा निगम की ईई नंदिता अग्रवाल ने बताया कि शहरों में जर्जर खंभों की मरम्मत या बदलने का काम चल रहा है। 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अन्य काम भी जल्द ही खत्म कर लिया जाएगा।