डाडा जलालपुर गांव में माहौल भांपने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हुई। गांव में मस्जिद के सामने शोभायात्रा पहुंची तो दोनों पक्षों में गाने बजाने को लेकर हल्का विवाद हुआ था। लेकिन शोभायात्रा में शामिल सिपाहियों ने समय रहते स्थिति नहीं भांपी और अधिकारियों को सूचना नहीं दी। यही वजह रही कि पुलिस की नाकामी ने बवाल का रूप ले लिया और रातभर गांव सुलगता रहा। यदि समय रहते थाने और पुलिस अधिकारियों को सूचना दे दी जाती तो मामला बड़ा रूप लेने से बच सकता था।
भगवानपुर क्षेत्र के गांव डाडा जलालपुर में हुए बवाल ने पुलिस पर तमाम सवाल उठा दिए हैं। डाडा पट्टी से होते हुए करीब आठ बजे शोभायात्रा जलालपुर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि शोभायात्रा में तीन से चार सिपाही शामिल थे। शोभायात्रा जैसे ही मस्जिद के सामने पहुंची तो डीजे पर तेज आवाज में गाना बज रहा था। इसे लेकर मस्जिद में मौजूद लोगों ने गाना बंद करने की बात कही। जिसे लेकर दोनों पक्षों में हल्का सा विवाद हो गया। इस बीच शोभायात्रा में शामिल सिपाहियों ने बीच बचाव कराने का प्रयास किया, लेकिन वह स्थिति को भांप नहीं पाए। उन्होंने विवाद के शुरुआती दौर को हल्के में लिया और थाने या अपने किसी अधिकारी को इसकी सूचना नहीं दी। बस यहीं से विवाद इतना बढ़ा कि शोभायात्रा में शामिल सिपाहियों की पकड़ से बाहर हो गया। पथराव होने के बाद थाने और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। लेकिन तब तक स्थिति काबू से बाहर हो चुकी थी। इसके बाद फोर्स को हालात काबू करने में समय लगा।
ग्रामीणों ने नहीं दिखाया आपसी भाईचारा
डाडा जलालपुर के कुछ बुजुर्गों ने बताया कि गांव में जब विवाद शुरू हुआ तो दोनों पक्षों में से किसी ने भी आपसी भाईचारा नहीं दिखाया। यदि दोनों पक्ष धैर्य रखकर एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते तो बवाल नहीं होता।
गांव में पसरा सन्नाटा
डाडा जलालपुर गांव में बवाल के बाद रविवार को सड़क से लेकर गलियों तक सन्नाटा पसरा रहा। लोग दहशत के चलते अपने घरों में कैद रहे। इसके अलावा गांव की दुकानें भी बंद रहीं। दहशत का ऐसा माहौल था कि ग्रामीण अपने पशुओं के लिए खेतों पर चारा लेने नहीं गए। इतना ही नहीं इस समय गेहूं की कटाई और गन्ने की बुआई चल रही है। दहशत के चलते रविवार को दोनों ही काम बंद रहे।
पुलिस ने छतों की ली तलाशी
शनिवार की रात बवाल के बाद रविवार की सुबह को पुलिस ने कई घरों की छतों की तलाशी ली। बताया जा रहा है कि कुछ घरों पर ईंटें मिली हैं। जिन घरों की छतों पर ईंटें मिली है, पुलिस उस परिवार से गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने यह भी जानकारी ले रही है कि गांव में कितने लोग नौकरी पेशे वाले हैं और वह कहां कहां नौकरी करते हैं। पुलिस पता कर रही है कि ये लोग बवाल के समय ड्यूटी पर थे या फिर मौके पर।
वीडियो से कर रही चिह्नित
बवाल के दौरान कुछ ग्रामीणों ने अपने मोबाइल से वीडियो भी बनाई है। साथ ही कई ग्रामीणों ने बवाल को फोटो में कैद किया है। पुलिस और खुफिया विभाग इन वीडियो और फोटो के जरिए बवाल करने वालों को चिह्नित कर रही है। साथ ही बवाल में नाबालिग तो शामिल नहीं थे, इसकी भी बारीकि से जांच कर रही है।