रोडवेज डिपो का जर्जर भवन किस तरह लोगों और कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ सकता, इसका उदाहरण उस समय देखने को मिला जब भवन की छत का प्लास्टर अचानक नीचे जा गिरा। गनीमत रही की कार्यशाला कर्मचारी वक्त रहते अपनी कुर्सी से उठ गया वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
रुड़की डिपो की इमारत पुरानी और खस्ताहाल है। एक अरसा बीतने के बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। अब ये लापरवाही लोगाें की जान पर भी भारी पड़ने लगी है। यहां सीलन से दीवारें खराब हो रही हैं। कार्यशाला तो पूरी तरीके से जर्जर हालत में है। मंगलवार दोपहर बाद फोरमैन कक्ष की छत से प्लास्टर भर भराकर गिर पड़ा।
गनीमत रही कि वहां मौजूद एक कर्मचारी अपनी कुर्सी से तभी उठा था कि प्लास्टर गिर गया और छत के सरिये पूरी तरह दिखाई देने लगे। प्लास्टर इतना मोटा था कि यदि सिर पर गिरता तो कर्मचारी बुरी तरह घायल हो सकता था। छत का काफी हिस्सा नीचे गिरने से कर्मचारी भी दहशत में हैं। अन्य कक्ष की भी हालत खराब है। सहायक महाप्रबंधक केके मल्होत्रा ने बताया कि भवन की मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।