स्वास्थ्य विभाग की ओर से भले ही एहतियाती और दूसरी डोज के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हों लेकिन कुछ टीकाकरण केंद्रों पर स्थिति बद से बदतर है। नगर निगम में खुले टीकाकरण केंद्र में बुधवार को 12 बजे तक टीम वैक्सीन लगाने नहीं पहुंची। हैरत की बात ये थी कि केंद्र खोलने के बाद वहां वैक्सीन बॉक्स और अन्य जरूरी सामान जरूर फर्श पर नीचे रखा हुआ था।
तीन जनवरी से स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना योद्धाओं को जिसमें फ्रंट लाइन वर्कर, स्वास्थ्यकर्मी, सफाई कर्मचारी और 60 साल से अधिक आयु वाले युवाओं को एहतियाती डोज लगानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही जिन लोगों को पहली डोज लग चुकी है उन्हें दूसरी डोज लगाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाया हुआ है लेकिन शहर में इस अभियान की हवा निकल रही है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम शहर का केंद्र होने के चलते और हर व्यक्ति को इसकी जानकारी होने के चलते यहां टीकाकरण केंद्र बनाया हुआ है। यहां वर्तमान में एहतियाती और सेकेंड डोज लगाई जा रही है। बुधवार को यहां पर समय से टीम नहीं पहुंची जबकि दस बजे ही लोगों का आना शुरू हो गया था। खास बात ये है कि यहां पर केंद्र खुला पड़ा था और वैक्सीन बॉक्स व अन्य जरूरी सामान दरवाजे के पास फर्श पर लापरवाही के साथ रखा हुआ था। बॉक्स रखे होने के चलते लोग इस भ्रम में रहे कि टीम आसपास ही होगी लेकिन करीब एक बजे तक भी टीम यहां नहीं पहुंची।
आदर्श नगर से आए हिमांशी और शुभम का कहना है कि एक दिन पहले वे दोपहर दो बजे दूसरी डोज लगवाने आए थे लेकिन टीम ने केंद्र बंद होने की बात कहकर लौटा दिया था। वहीं आवास विकास से बुजुर्ग संतोष कुमार अपनी पत्नी को लेकर एहतियाती डोज लगवाने पहुंचे लेकिन टीम के नहीं पहुंचने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। दोपहर करीब एक बजे तक भी टीम के नहीं पहुंचने पर लोगों ने निराश होकर लौटना शुरू कर दिया था। मामले में सेशन साइट व्यवस्थापक राकेश गुप्ता ने बताया कि टीम का वाहन रास्ते में खराब हो गया था। ऐसे में लोगों को थोड़ी दिक्क्त हुई।