नारसन बार्डर पर बाहर से आने वाले वाहनों की चैकिंग करती पुलिस।
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मकर संक्रांति पर गंगा स्नान प्रतिबंधित होने के चलते नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रही। पुलिस ने बॉर्डर से 700 से अधिक बाहरी राज्यों के वाहनों को लौटा दिया। वहीं, प्रदेश वासियों को आधार कार्ड और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया गया।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शुक्रवार को मकर संक्रांति पर गंगा स्नान प्रतिबंधित था। लिहाजा बाहरी राज्यों से हरिद्वार आने वाले लोगों को रोकने के लिए बृहस्पतिवार से ही नारसन समेत अन्य बॉर्डर पर पुलिस व आईटीबीपी के जवान तैनात कर दिए गए थे। पुलिस बाहरी राज्यों से आने वालों को बॉर्डर से लौटा रही थी। वहीं, शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों से बड़ी संख्या में लोग वाहनों से नारसन बॉर्डर पर पहुंचे, लेकिन स्नान पर पाबंदी होने पर पुलिस ने किसी को एंट्री नहीं दी। शाम तक करीब 700 वाहनों को पुलिस ने लौटा दिया। वहीं, उत्तराखंड के निवासियों को आधार कार्ड और वैक्सीनेशन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही एंट्री दी गई। इस दौरान 1645 लोगों की कोरोना जांच की गई। मंगलौर कोतवाली प्रभारी अमरचंद शर्मा और नारसन चौकी प्रभारी बृजपाल सिंह ने बॉर्डर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सीएमओ ने बॉर्डर पर परखीं व्यवस्थाएं
सीएमओ ने नारसन बॉर्डर पर चल रही कोविड जांच की व्यवस्थाएं परखीं। कर्मचारियों को यात्रियों की कोरोना जांच करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. खगेंद्र नारसन बॉर्डर पहुंचे और कोविड जांच के लिए बनाए गए बूथों का जायजा लिया। बताया गया कि जांच के लिए सात काउंटर बनाए गए हैं। उन्होंने कर्मचारियों को बाहरी राज्यों से आने वाले हर व्यक्ति की कोरोना जांच करने और कोविड नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद वह नारसन सीएचसी पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।