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रोडवेज विलय के खिलाफ एकजुट हुए कई संगठन

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रुड़की बस रोडवेज डिपो के विलय के विरोध में विधायक प्रदीप बत्रा को ज्ञापन देते कर्मचारी। - फोटो : ROORKEE
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रुड़की रोडवेज को हरिद्वार रोडवेज में विलय किए जाने के फैसले के खिलाफ रोडवेज में बने विभिन्न संगठन एकजुट होकर एक मंच पर आ गए हैं। संगठनों के पदाधिकारियों ने एक सुर में रोडवेज के एकीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद की है। रोडवेज परिसर में एकत्रित होकर कर्मचारियों ने जनता और यात्रियों के हित में इस फैसले को वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों समेत कांग्रेसी और अन्य संगठनों ने भी रोडवेज के एकीकरण के खिलाफ आवाज उठाई।
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उत्तराखंड परिवहन निगम ने दो दिन पहले प्रदेश के चार रोडवेज डिपो को अन्य डिपो में मर्ज करने का फैसला किया था। इसमें रुड़की रोडवेज को भी हरिद्वार रोडवेज में विलय करने के आदेश जारी हुए हैं। मंगलवार को इस आदेश के खिलाफ रोडवेज में बने कर्मचारियों के विभिन्न संगठन एकत्र हो गए। उन्होंने सरकार के फैसले का विरोध किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों का समर्थन कर सरकार पर इस फैसले को वापस लेने का दबाव बनाया। भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि रुड़की की पहचान आईआईटी, बीईजी, सीबीआरआई, एनआईएच, रोडवेज, सिंचाई विभाग आदि संस्थानों से है। यदि रोडवेज को हरिद्वार में विलय कर दिया तो रुड़की का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। इसे किसान संगठन बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि रुड़की के आसपास औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही शिक्षण संस्थान भी हैं। ऐसे में यहां पढ़ने वाले और काम करने वाले लोगों के सामने अपने घरों तक पहुंचने के लिए संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो भाकियू पदाधिकारी हाईवे पर जाम लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। वहीं कर्मचारियों का कहना था कि इस फैसले से सबसे ज्यादा दिक्कत यात्रियों को हो जाएगी। डिपो हरिद्वार में चले जाने से रुड़की के यात्री बसों के लिए तरस जाएंगे। आने वाले दिनों में यह होना भी निश्चित है कि अधिकतर बसें रुड़की आने के बजाय बाईपास होकर निकल जाया करेंगी। इसके अलावा सभी बसों से रुड़की डिपो हटकर हरिद्वार डिपो हो जाएगा। इस मौके पर जगदीश बहुगुणा, उदयवीर सिंह, जाट नेता राजेन्द्र चौधरी, चौधरी वेदपाल सिंह, चौधरी बच्चन सिंह, चौधरी प्रवीण प्रधान, पूर्व चेयरमैन दिनेश कौशिक, यशपाल राणा, श्रवण गोस्वामी, संदीप, सचिन, हरेंद्र, अरुण, मामराज, सतीश आदि मौजूद रहे।
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संघर्ष मोर्चा ने विधायक और मेयर को दिया ज्ञापन
रुड़की डिपो को हरिद्वार डिपो में विलय किए जाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने नगर विधायक प्रदीप बत्रा और मेयर गौरव गोयल को ज्ञापन दिया। उन्होंने ज्ञापन में मांग की है कि रुड़की को हरिद्वार डिपो में विलय के जाने का उनके स्तर पर भी विरोध किया जाए। उन्होंने कहा कि रुड़की डिपो उत्तराखंड का प्रवेश द्वार कहलाता है। इस लिहाज से परिवहन निगम को यहां अतिरिक्त सुविधाएं देनी चाहिए थीं लेकिन सरकार इस डिपो को खत्म कर रही है, यह जनहित में नहीं है। विधायक प्रदीप बत्रा और मेयर गौरव गोयल ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि सरकार के इस फैसले को लेकर वार्ता की जाएगी। हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा कि जनहित में रोडवेज को हरिद्वार डिपो में विलय नहीं किया जाए।
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