रुड़की। सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरती, इसलिए बच्चे की मौत हुई। हंगामा बढ़ने पर स्टाफ ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और कार्यवाहक सीएमएस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत कराया।
सिविल अस्पताल में दो दिन पहले पिरान कलियर निवासी महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। इसमें एक लड़का और दूसरी लड़की थी। बच्चों में थोड़ी दिक्कत देखते हुए उन्हें तीन दिन के लिए अस्पताल में ही भर्ती रखा गया था। बृहस्पतिवार को एक नवजात की तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने जानकारी अस्पताल स्टाफ को दी। स्टाफ के दवा देने पर बच्चा सो गया। रात में अचानक नवजात की मौत हो गई। काफी उठाने पर भी बच्चा नहीं जागा तो परिजनों ने रोना-बिलखना शुरू कर दिया। इसी बीच परिजनों के अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि स्टाफ ने बच्चे पर ध्यान नहीं दिया, इस कारण उसकी मौत हुई। हंगामा बढ़ता देख आसपास के मरीज भी एकत्र हो गए। स्टाफ ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसी बीच कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एके मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। वहीं, पुलिस भी आ गई। उन्होंने परिजनों को किसी तरह शांत कराया। सीएमएस ने बताया कि इलाज में लापरवाही जैसी कोई बात नहीं थी। परिजनों को शांत करा दिया गया था।