कलियर में साबिर पाक की धरती से मुस्लिम समाज के लोग ही राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेंगे। इसके लिए मुस्लिम मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अयोध्या में सर्वसम्मति से मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिम समाज में माहौल तैयार करने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
अयोध्या में बाबरी मस्जिद एवं राम मंदिर के लिए कई दशकों से विवाद चला आ रहा है। एक पक्ष विवादित स्थल को बाबरी मस्जिद का बता रहा है जो दूसरा पक्ष इसे राम मंदिर का स्थल बता रहा है। छह साल पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी विवादित स्थल पर निर्णय सुना दिया था, लेकिन उसके बाद दोनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी कोई फैसला सुनाने से पहले दोनों पक्षों को सर्वसम्मति से निर्णय लेने को कहा है। इसी को देखते हुए पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक की धरती पर शुक्रवार से शुरू हुई दो दिवसीय मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मंच के मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं राष्ट्रीय नेता इंदरेश कुमार की मौजूदगी में मंदिर निर्माण के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार मंच के मुस्लिम कार्यकर्ता मुस्लिम समाज के बीच जाकर सर्वसम्मति से मंदिर निर्माण के समर्थन में माहौल बनाएंगे। ताकि समाज के लोग ही कारसेवक बनकर इसके निर्माण की आधार शीला रखने को आगे आ सकें।
अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुस्लिम समाज में अलख जगाने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाएगा। ताकि देश के अंदर हिंदू-मुस्लिमों के बीच सौहार्द बना रहे।
मोहम्मद अफजाल, राष्ट्रीय संयोजक, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
बाबर बाहरी एवं आक्रांत थे। उसका इस देश एवं इस देश के मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं रहा। बाबर ने इस देश के हिंदुओं पर ही नहीं मुस्लिमों पर भी खूब अत्याचार किया। इसलिए मुस्लिम समाज के लोग ही कारसेवक बनकर राष्ट्र की आस्था एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए मंदिर निर्माण की शुरूआत करें। ऐसा संकल्प लेकर एक प्रस्ताव बैठक में पारित किया जाएगा, ताकि देश के अंदर कोमी एकता की मिसाल पेश की जा सके।
गिरीश जुयाल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच