जेके टायर फैक्ट्री और लक्सर ट्रक यूनियन के बीच चल रहे विवाद ने सातवें दिन (रविवार) रौद्ररूप धारण कर लिया। एक साथ बाजार बंद, बसों और मैटाडोर के चक्का जाम से क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। बाजार बंद रहने से लोग जरूरी सामान के लिए भटकते नजर आए। जबकि आवाजाही के लिए कोई वाहन न मिलने से सैकड़ों ग्रामीणों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
क्षेत्र स्थित जेके टायर फैक्ट्री और लक्सर ट्रक यूनियन के बीच कई दिनों से विवाद चल रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से वरुणा कंपनी को माल ढुलाई के लिए अधिकृत किया है। इससे स्थानीय ट्रक यूनियन से जुड़े ट्रक मालिकों, चालक-परिचालकों पर रोजगार का संकट गहरा गया है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि वह स्थानीय ट्रक यूनियन को काम देने को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें बंद कंटेनर वाले वाहनों की जरूरत रहेगी। लेकिन स्थानीय ट्रक यूनियन इस शर्त को पूरा करने में असमर्थता जता रही है। इसी विवाद के चलते फैक्ट्री के बाहर ट्रक यूनियन सदस्य सात दिन से धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। रविवार को इस विरोध ने उस समय व्यापक रूप धारण कर लिया जब दोनों व्यापारिक संगठन स्थानीय ट्रक यूनियन के समर्थन में उतर आए। सुबह करीब दस बजे दोनों व्यापार मंडल के पदाधिकारी सड़कों पर उतरे और दुकानदारों से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। मुख्य बाजार सहित काफी हिस्से में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार बंद होने से लोगों को अपनी जरूरत का सामान तक नहीं मिला। लेकिन कस्बे के बाहर मुख्य मार्ग पर कई जगह दुकानें खुली रही।
यात्रियों की फजीहत
दूसरी ओर लक्सर में रुड़की और पुरकाजी रूट पर चलने वाली बसों की दो यूनियनों और मैटाडोर यूनियन ने भी स्थानीय ट्रक यूनियन के समर्थन में चक्का जाम रखा। इससे पहले प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष ट्रक यूनियन को समर्थन दे चुके थे। बसों के न चलने से यात्रियों को गंतव्य पर पहुंचने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि शुक्रवार को लक्सर-रुड़की, लक्सर-पुरकाजी बस यूनियन के साथ-साथ मैटाडोर यूनियन ने भी ट्रक यूनियन को समर्थन दिया था। यूनियन पदाधिकारियों का कहना था कि शनिवार शाम तक मामले का निपटारा न होने पर रविवार को बसों का चक्का जाम किया जाएगा। इसकी वजह से रविवार को रुड़की व पुरकाजी जाने वाली बसों के पहिये पूरी तरह थमे रहे।
हरिद्वार-रुड़की तक कट गया संपर्क
लक्सर ट्रक यूनियन के समर्थन में रविवार को बसों और मैटोडोर यूनियनों के एक साथ समर्थन में उतरने पर एक दिनी हड़ताल से रुड़की और हरिद्वार तक सैकड़ों गांवों के लोगों का संपर्क पूरी तरह कटा रहा। लक्सर से पुरकाजी रूट पर जाने वाली बसों का संचालन रुकने से यूपी के मुजफ्फरनगर जिले तक आवाजाही पूरी तरह ठप रही। इन क्षेत्रों को जाने के लिए लोग सड़कों पर मारे-मारे फिरते नजर आए। कोई ट्रकों में तो किसी ने घोड़े तांगे और कोई लिफ्ट मांग कर गंतव्य के लिए रवाना हुआ। अधिकतर लोग देर शाम तक भी यातायात साधनों का इंतजार करते दिखे।
मांग पूरी न होने पर दोबारा होगा चक्का जाम
लक्सर-रुड़की बस यूनियन के अध्यक्ष जय सिंह एवं लक्सर पुरकाजी बस यूनियन के अध्यक्ष संजय कुमार का कहना है कि ट्रक यूनियन के समर्थन में रविवार को एक दिवसीय चक्का जाम किया गया है। जल्द स्थानीय यूनियन को रोजगार नहीं मिला तो वह दोबारा चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
सातवें दिन जारी रहा धरना
चक्का जाम और बाजार बंदी के साथ ही फैक्ट्री के बाहर ट्रक यूनियन पदाधिकारियों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर यूनियन अध्यक्ष अरुण कुमार, अजय वर्मा, जसवीर, अनिल, दिनेश महाराणा, देवेंद्र चौधरी, मोनू, शेरसिंह, लेखराज सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
स्टिंग आपरेशन में पूछताछ के चलते नहीं पहुंचे चैंपियन
शनिवार तक मामले का निपटारा न होने पर रविवार को कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने फैक्ट्री के गेट पर ताला डालने का ऐलान किया था। लेकिन रविवार को चैंपियन लक्सर नहीं पहुंचे।
खानपुर विधायक कुंवर प्रणव ंसिंह चैंपियन ने तीन दिन पहले धरना स्थल पर पहुंचकर घोषणा की थी कि यदि दो दिन के अंदर स्थानीय ट्रक यूनियन को काम नहीं मिला तो वे रविवार को फैक्ट्री पर ताला जड़ देंगे। इसके चलते सभी लोगों की निगाहें पूरे प्रकरण पर टिकी रही। पुलिस प्रशासन की ओर से भी इस पर सतर्कता बरती जा रही थी। लेकिन विधायक चैंपियन धरना स्थल पर नहीं पहुंचे। इस बाबत विधायक से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में पूर्व सीएम के स्टिंग आपरेशन से संबंधित सीबीआई की पूछताछ के लिए रुके हुए हैं। जिसके कारण तय समय पर लक्सर नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि लौटने पर रणनीति तैयार की जाएगी।