बुधवार देर शाम आई आंधी ने विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। तेज हवाओं के कारण लाइनों में आए फॉल्ट और पेड़ों के गिरने से मंगलौर कस्बे सहित आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों में पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब 14 घंटों तक बिजली न आने से स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बीती रात आए मौसम के बदलाव ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति ठप होने से मुसीबत खड़ी कर दी। आंधी शुरू होते ही सुरक्षा की दृष्टि से काटी गई बिजली फिर पूरी रात नहीं आई। उमस और मच्छरों के प्रकोप के कारण लोगों की रात की नींद उड़ गई। बृहस्पतिवार सुबह से ही ऊर्जा निगम की टीमें लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी रहीं।
कहीं इंसुलेटर फटने तो कहीं तार टूटने की समस्याओं को ठीक करने के बाद दोपहर करीब 14 घंटे बाद बिजली सुचारू हो सकी। बिजली आने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं लंबे समय तक बिजली कटौती का सीधा असर जलापूर्ति पर भी पड़ा। सुबह के समय नलों में पानी न आने से मोहल्लों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। इन्वर्टर डाउन होने के कारण मोबाइल चार्जिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शोपीस बने रहे।
आंधी के कारण कई जगह लाइनों पर पेड़ की टहनियां गिरने और इंसुलेटर पंचर होने से आपूर्ति बाधित हुई थी। कर्मचारियों को रात में ही गश्त पर लगाया गया था लेकिन अंधेरे और खराब मौसम के कारण मरम्मत में समय लगा। अब आपूर्ति बहाल कर दी गई है। - अनुभव सैनी, एसडीओ, ऊर्जा निगम, मंगलौर