रुड़की सिविल अस्प्ताल में कोरोना की जांच करवाने के लिए खड़े पुलिस कर्मी व अन्य।
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कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक के साथ अब एक बार फिर से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सिविल अस्पताल में एकाएक कोरोना के टेस्ट करवाने वालों की भी लंबी लाइन लगने लगी है। उधर, डीजीपी ने हर पुलिसकर्मी को कोरोना की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अस्पताल में पहले दिन करीब 160 पुलिसकर्मियों ने जांच करवाई। इसके अलावा सामान्य व्यक्ति भी टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे।
कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आने के बाद केंद्र के साथ ही प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड़ पर आ गई है। संभावित तीसरी लहर से प्रदेश में दूसरी लहर जैसे हालात नहीं बने, इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं इसी बीच तीन दिन पहले राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे सात पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने और कुछ दिन पहले देहरादून के एफआरआई में प्रशिक्षु आईएफएस व तिब्बती कोरोना संक्रमित होने के बाद पुलिस विभाग भी अलर्ट हो गया है। इसी के मद्देनजर डीजीपी अशोक कुमार ने पूरे प्रदेश में हर पुलिसकर्मी को कोरोना की जांच करवानी अनिवार्य कर दी है। यह आदेश रुड़की पहुंचे तो मंगलवार को पुलिसकर्मियों की कोरोना जांच करवाने के लिए सिविल अस्पताल में लंबी लाइनें लगी रहीं। मंगलवार को दिनभर में करीब 295 लोगों की कोरोना जांच हुई। इसमें से करीब 160 पुलिसकर्मी शामिल थे। हालांकि इनमें कोई पुलिसकर्मी संक्रमित नहीं था। पुलिसकर्मियों की यह जांच आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी देखी जा रही है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि मंगलवार को पुलिसकर्मियों के टेस्ट किए गए हैं। अन्य लोगों के भी टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने अस्पताल में मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया है।