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जेएम के निर्देश पर वकील को हिरासत में लिया

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रुड़की तहसील सभागार में तहसील दिवस में लोगों की समस्या सुनते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह। - फोटो : ROORKEE
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कचहरी परिसर में चल रहे तहसील दिवस में सभा की गरिमा भंग करने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एक वकील को हिरासत में लेने के आदेश दे दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने वकील को हिरासत में ले लिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी कि तहसील दिवस की गरिमा भंग करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान क्षेत्र के 68 फरियादी अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिसमें से कुछ फरियादियों की समस्या का समाधान हो गया।
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मंगलवार को कचहरी परिसर में तहसील दिवस का आयोजन किया गया था। इसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एएसडीएम और तहसीलदार आदि फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान क्षेत्र के एक वकील अपनी समस्या लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह के पास पहुंचे। यहां वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को शिकारपुर स्थित पट्टे की भूमि पर कब्जे की शिकायत करने लगे। शिकायत देखकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को मामला याद आया तो उन्होंने वकील से पूछा कि क्या यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर वकील ने कुछ जवाब नहीं दिया। दोबारा पूछने पर वकील ने कोर्ट में मामला विचाराधीन होने से इनकार कर दिया। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का पारा चढ़ गया और उन्होंने संबंधित लेखपाल को बुलाकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने वकील पर उनके झूठ बोलकर उन्हें गुमराह करने और सभा की गरिमा भंग करने के आरोप में पुलिस को उन्हें हिरासत में लेने के आदेश दिए। इस पर पुलिस वकील को हिरासत में लेकर बाहर चली गई। इसके बाद कार्यक्रम लगातार चलता रहा। इस दौरान तहसील दिवस में करीब 68 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इसमें जमीन पर कब्जा, राशनकार्ड नहीं बनना, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा आदि तरह की शिकायतें आई थीं। इनमें से कुछ शिकायतों का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि कुछ शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को हल करने के लिए दे दिया।
भटक रहे फरियादी, नहीं मिल रहा न्याय
बुधवार को तहसील दिवस में कुछ ऐसे मामले सामने आए, जिसमें फरियादी लंबे समय से अपनी शिकायत लेकर दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। तहसील दिवस में भी अर्जियां देेने से कोई फायदा नहीं हो रहा है। कुछ फरियादियों का कहना था कि अब उनका सिस्टम पर भरोसा ही नहीं रहा।
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केस 1-
तांशीपुर निवासी सतेंद्र पाल का कहना था कि वह बरसों से बाहर रह रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान फर्जी कागजात बनाकर उनके गांव वाले मकान पर उनके भाई ने कब्जा कर लिया है। अब वह अपने मकान को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं। तीन बार वह तहसील दिवस में भी आ चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मंगलवार को भी वह तहसील दिवस में पहुंचे, लेकिन उनके आते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चले गए। इसके बाद अन्य अधिकारी भी चले गए। ऐसे में उनकी ठीक से सुनवाई नहीं हो सकी।
केस 2-
दौलतपुर के मजरा जादवपुरी निवासी सोमपाल का कहना था कि खुद की कोई जमीन नहीं होने के चलते वह कई साल से ग्राम समाज की भूमि पर रहते आ रहे हैं। उनका कहना था कि कुछ साल पहले क्षेत्र की एक संस्था ने ग्राम समाज की इस जमीन पर कब्जा कर दिया था। तब उन्होंने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। अब गांव के कुछ दबंग लोग उन्हें वहां से हटाकर स्वयं जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस जमीन को उनके नाम कर दिया जाए ताकि वह सुकून से जीवन यापन कर सकें। इस मांग को लेकर वह कई साल से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक हल नहीं निकल पाया है।
केस 3 -
झबरेड़ा निवासी महिपाल सिंह कहना है कि उनके मोहल्ले में जलभराव की समस्या बनी हुई है। इस समस्या से निजात के लिए वह लंबे समय से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने बताया कि जब से तहसील दिवस शुरू हुआ, वह हर बार यहां पहुंचते हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाता है। उन्होंने भगवानपुर में आयोजित तहसील दिवस में भी अपनी समस्या रखी थी। तब उन्होंने समस्या हल करने के लिए संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर समस्या देखने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक समस्या का हल नहीं हो पाया है।
तहसील दिवस में आईं 39 शिकायतें
लक्सर/खानपुर। एसडीएम वैभव गुप्ता और तहसीलदार मुकेशचंद रमोला के विभागीय कार्य से बाहर होने के चलते नायब तहसीलदार रमेशचंद्र ने तहसील दिवस में लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान दरगाहपुर और चंद्रपुरी बांगर गांव निवासी संतोष व सुनीता ने प्रार्थना पत्र देकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाए जाने की मांग की। शिविर में कुल 39 लोगों की शिकायतें आईं, लेकिन एक भी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। शिविर में पुलिस, शिक्षा, चिकित्सा, चकबंदी, आपूर्ति, कृषि, राजस्व, सहकारिता, वन, ग्राम्य विकास, बाल विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। संवाद
तहसील दिवस में पहुंचे 11 फरियादी
तहसील दिवस के दौरान एसडीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका अधीनस्थों से निराकरण कराया। कुछ शिकायतों के निस्तारण के लिए फरियादियों को समय दिया गया। भगवानपुर तहसील में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीण प्रमोद, राजकुमार, साजिद, रमेश कुमार आदि ने अपनी समस्याओं का समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने पानी निकासी, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले मकानों की जांच करने की शिकायत की। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन, राशनकार्ड आदि शिकायतों के समाधान की मांग की। एसडीएम ब्रिजेश कुमार तिवारी ने बताया कि तहसील दिवस के दौरान 11 शिकायत मिली हैं। इन शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को देकर जल्दी ही समाधान करने के आदेश दिए गए हैं। संवाद
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