रुड़की रामनगर स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी।
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होटल एंड बार एसोसिएशन रुड़की के पदाधिकारियों ने होटल इंडस्ट्री के कारोबार को पटरी पर लाने के लिए सरकार से कई रियायतों की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार राज्य में आने सैलानियों की बॉर्डर पर ही कोविड जांच की व्यवस्था कराए ताकि बिना किसी समस्या के वे स्थानीय होटलों में ठहर सकें। एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन से होटल इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। अगर रियायत नहीं मिली तो मजबूरी में होटलों को बंद करना पड़ेगा।
शुक्रवार को रामनगर चौक स्थित एक होटल में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रणय प्रताप सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी होटल बंद रहे, जिसके चलते होटल कारोबारियों और कर्मचारियों को बड़ा नुकसान हुआ है। अब लॉकडाउन खत्म हो गया है तो भी बाहर से आने वाले लोग होटलों में नहीं ठहर रहे हैं। अगर ठहरते भी रहे हैं तो होटल कर्मचारी और सैलानी खुद को कोरोना के डर से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की बॉर्डर पर ही कोविड जांच कराए। इसके बाद उन्हें प्रवेश दिया जाए ताकि वह भी सुरक्षित रहें और कर्मचारी भी।
उन्होंने कहा कि होटल व्यवसाय इस समय बड़े नुकसान में है। इसके लिए प्रदेश सरकार वर्ष 2021 तक होटलों को टैक्स सर्विस चार्ज की छूट दे। इसके अलावा होटलों में चलने वाले बार को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर होटल स्वामियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो विवश होकर होटल बंद करने होंगे। बैठक में अश्वनी कुमार भारद्वाज, सतीश कौशिक, गौरव चौधरी, कुनाल सेठी, अमित चौधरी, दीपक चौधरी, प्रदीप सचदेवा और विजेंद्र गोयल मौजूद रहे।