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जेएम ने अपनी चालक को हटाया, गनर को भी किया रिलीव

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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने रुड़की तहसील में करीब 10 साल से उनकी गाड़ी चला रहे चालक को हटा दिया है। साथ ही उन्हें कृषि उत्पादन मंडी समिति मंगलौर में उनके मूल पद पर भेज दिया है। इसके अलावा जेएम ने अपनी सुरक्षा में तैनात गनर को उपकारागार में उनके मूल पद पर जाने के लिए रिलीव कर दिया है। खास बात यह है 10 साल से जेएम की गाड़ी चला रहे चालक और करीब सात साल से जेएम की सुरक्षा में तैनात गनर व्यवस्था के तहत अटैचमेंट होने का मामला सूचना अधिकार में उजागर हुआ। इसके बाद जेएम ने अपने स्तर से दोनों मामलों में कार्रवाई की है।
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राजपाल निवासी थीथकी कवादपुर मंगलौर ने तहसील प्रशासन से सूचना अधिकार के तहत नौ सितंबर, 2021 को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की गाड़ी चला रहे चालक सुधीर कुमार व लोकेश कुमार और जेएम की सुरक्षा में तैनात गनर नरेंद्र कुमार की तैनाती के बाबत जानकारी मांगी थी। इसमें सामने आया कि सुधीर कुमार को करीब 10 साल पहले रुड़की तहसील में कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए कृषि उत्पादन मंडी समिति ने रुड़की तहसील से संबद्ध किया था, जबकि उपकारागार रुड़की के अधीक्षक का प्रभार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के पास होने के कारण उपकारागार के उपनल सुरक्षाकर्मी नरेंद्र कुमार को 13 फरवरी 2014 को ज्वाइंट मजिस्ट्रेटरुड़की की सुरक्षा में तैनात किया गया। इसके बाद फरवरी 2021 को उत्तराखंड शासन के आदेश पर उपकारागार रुड़की के अधीक्षक का प्रभार पुलिस अधीक्षक यातायात हरिद्वार के पास आ गया। इसके चलते उपकारागार प्रशासन की ओर से उपनल सुरक्षाकर्मी नरेंद्र कुमार को 14 फरवरी 2021 से जेल में ड्यूटी करने के लिए उपस्थित होने के आदेश दिए गए। उपकारागार रुड़की की ओर से 16 अक्तूबर, 2021 को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार जेएम की सुरक्षा में तैनात नरेंद्र कुमार करीब आठ माह से ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। मामला संज्ञान में आने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की ने गनर नरेंद्र कुमार को अपने यहां से रिलीव कर दिया है। हालांकि, अभी उन्होंने मूल पद पर तैनाती नहीं ली है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल कुमार ने दोनों मामलों की पुष्टि की है।
...तो वाकई में जेएम की सुरक्षा से हुआ खिलवाड़
अब शिकायकर्ता राजपाल ने 12 नवंबर को जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना अधिकार के जवाब में तहसील के नायब नाजिर ने चालक और गनर की तैनाती की तहसील स्तर पर जानकारी नहीं होने की बात कही है, जबकि तहसील के पत्राचार पर ही उक्त चालक और गनर को तहसील से संबद्ध किया गया था। दोनों ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के चालक और गनर के रूप में एक साथ कई साल से काम करते रहे हैं। बावजूद इसके नायब नाजिर की ओर से उनकी तैनात के संबंध में जानकारी छिपाया जाना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसा है।
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चालक सुधीर कुमार को कृषि उत्पादन मंडी समिति के उनके मूल पद पर भेज दिया गया है। साथ ही गनर को भी उपकारागार के लिए रिलीव कर दिया गया है। जहां तक दोनों के संबंध में जानकारी को छिपाए रखने की बात है तो इसकी जांच कराई जाएगी। -अंशुल सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रुड़की
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