रुड़की ब्लॉक में हाल ही में मनरेगा लोकपाल की जांच में मनरेगा के एक या दो नहीं बल्कि पूरे 14 कार्यों में अनियमितताएं मिली हैं। सभी कार्यों में बजट अलग-अलग मदों में न दिखाकर एक ही मद से दिखाकर निकाला गया। अनियमितताएं करने के चार अधिकारियों पर 14-14 हजार रुपये और कंप्यूटर ऑपरेटर व मनरेगा रोजगार सहायक आदि पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इससे पहले भी इनमें से अधिकतर अधिकारियों और कर्मचारियों पर बेलड़ा में पाइपलाइन के कार्यों में अनियमितताएं बरतने पर कार्रवाई की संस्तुति की जा चुकी है।
कुछ समय पहले शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला निवासी आकाश कुमार सैनी ने ग्रामीण विकास मंत्रालय में शिकायत कर अधिकारियों पर विभिन्न गांवों में वर्ष 2017-18 व 2018-19 में सिंचाई कार्यों के लिए पीवीसी पाइप लाइन डालने समेत अन्य काम में भारी अनियमितताएं कर भुगतान निकालने का आरोप लगाया था। इस पर लोकपाल मनरेगा मिथिलेश ने अधिकारियों के साथ बेलड़ा गांव में पहुंचकर जांच की थी। जांच के दौरान बेलड़ा गांव में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में संबंधित पत्रावलियों में भारी अनियमितताएं मिली।ं उस दौरान ग्राम प्रधान ग्राम रोजगार सेवक सुशील कुमार को अधिक मजदूरी निकालने के आरोप में निलंबित करने और तत्कालीन वीडीओ व तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। इसके अलावा लेखाकार, निवर्तमान ग्राम प्रधान, वीडीओ और कनिष्ठ अभियंता पर लापरवाही बरतने पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था लेकिन जब जांचों का सिलसिला बढ़ा तो किसी एक या दो नहीं बल्कि विभिन्न गांवों में हुए 14 कार्यों में यही अनियमितताएं देखने को मिली। मनरेगा लोकपाल की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019-20 में मोहम्मदपुर पांडा में हुए पाइपलाइन के कार्यों के भुगतान में अनियमितता मिली। वहीं वर्ष 2018-19 में सालियर साल्हापुर में पाइपलाइन के कार्यों का पूरा बिल भुगतान केवल सीमेंट मद में दिखा दिया। इसके अलावा 2016-17 में दौलतपुर में हुए मनरेगा के कार्यों में मजदूरी भुगतान में अनियमितताएं पाई गईं। इन सभी गांवों में हुए 14 कार्यों में अनियमितताएं मिलीं। जांच पूरी होने पर ब्लॉक में हड़कंप मच गया।
मनरेगा लोकपाल ने तत्कालीन बीडीओ, लेखाकार मुनेश चौहान, ग्राम विकास अधिकारी सुधीर कुमार, मनरेगा उपकार्यक्रम अधिकारी अंजली और मनरेगा कंप्यूटर ऑपरेटर दीक्षित कुमार पर 14-14 हजार रुपये व मनरेगा ग्राम रोजगार सहायक, मनरेगा बीएफटी शहनवाज, बीफटी मनरेगा सरफराज पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की है। बीडीओ शिव प्रसाद थपलियाल ने बताया कि सभी को जुर्माना जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।