केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने की घोषणा के बाद लोगों में खाद्य पदार्थों के साथ ही अन्य चीजों के दामों में भी कमी होने की उम्मीद जगी है। साथ ही रसोई गैस सिलिंडर में भी 200 रुपये की कमी करने की घोषणा से गृहणियां बेहद खुश हैं।
लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। खाद्य पदार्थों के साथ ही डीजल-पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में लोगों का बजट बिगड़ गया था। इसी बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में भारी कमी कर लोगों को बड़ी राहत दी है। शहर में पेट्रोल 102.82 और डीजल 96.50 प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा था। केंद्र की घोषणा के बाद अब पेट्रोल 94.32 और डीजल 89.43 प्रति लीटर हो गया है। इसके अलावा सबसे बड़ी राहत लोगों को रसोई गैस सिलिंडर में 200 रुपये सब्सिडी के बढ़ाने की घोषणा से मिली है। नगर निवासी आलोक कुमार, सोमपाल सिंह, पंकज सैनी आदि का कहना है कि जब भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं, ट्रांसपोर्ट के नाम पर हर चीज में महंगाई हो जाती है। अब भाड़े के साथ ही खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी कमी होनी चाहिए। वहीं बसों में किराया भी कम होना चाहिए।
नींबू ने दिखाई नरमी तो टमाटर लाल
कुछ समय पहले तक 350 रुपये किलो तक बिक रहे नींबू के तेवर कम हो गए हैं। बाजार में नींबू आसानी से 80 से 100 रुपये किलो तक मिल रहा है। वहीं अब टमाटर लाल हो गया है। चंद दिन पहले तक 15 से 25 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर बाजार में 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। सब्जी की ठेली लगाने वाले आफताब और रहमान ने बताया कि टमाटर थोक में भी 30 से 35 रुपये किलो तक मिल रहा है। यह रेट भी तब है जब वे पूरी कैरेट खरीदें। वहीं सीजनल सब्जियाें के आने से सब्जियों के दामों में कुछ कमी जरूर आई है। लौकी, तुरई, कद्दू, खीरा, मिर्च आदि के दामों में 5 से 10 रुपये की कमी आई है। संवाद
मशरूम बाजार से गायब
मशरूम की वैसे तो हर मौसम में डिमांड रहती है लेकिन इसका ज्यादा उत्पादन सर्दियों में होता है। हालांकि हरिद्वार में मशरूम के कई प्लांट हैं लेकिन यहां से मशरूम की सप्लाई अन्य शहरों में होती है। ऐसे में छोटे प्लांटों पर इस मौसम में उत्पादन बेहद कम रह जाता है। ऐसे में मंडी में एक-दो जगह ही मशरूम बिक रहा है, यहां भी इसकी कीमत 200 रुपये किलो से ज्यादा है। सर्दियों में यही मशरूम बाजार में 80 रुपये किलो तक आसानी से मिल जाता है। वहीं इस समय शादियों के सीजन के चलते मशरूम की डिमांड भी बढ़ रही है।