रुड़की आईआईटी में बॉयो इनक्यूबेटर के उद्घाटन के दौरान निरीक्षण करते संस्थान के निदेशक प्रोफेसर
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जीवन विज्ञान क्षेत्र में स्टार्ट-अप की सोच रहे छात्रों की सुविधा के लिए आईआईटी रुड़की ने बुधवार को अपना बायो इनक्यूबेटर लांच किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्टार्ट-अप इनक्यूबेटेड को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उपकरणों के साथ काम करने की सुविधा देना व जैव प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करना है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के चतुर्वेदी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विकास देश की प्रगति के लिए अनिवार्य है। यह बायो-इनक्यूबेटर युवा उद्यमियों को व्यवहार्य उत्पादों का अन्वेषण और विकास करने में सक्षम बनाएगा। उनके स्टार्टअप को पंख देगा और इस तरह देश के विकास को भी बढ़ावा देगा। विश्वस्तर के उपकरण प्राप्त करने और प्रयोगशालाओं के विकास के लिए बायो-इनक्यूबेटर पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। टाइड्स आईआईटी रुड़की के सीईओ आजम अली खान ने कहा कि वर्तमान दशक को हेल्थकेयर और लाइफ साइंस स्टार्ट-अप के दशक के रूप में पहचाना जाता है। बायो इनक्यूबेटर के जरिए छात्रों को मीडिया लैब, टिश्यू कल्चर लैब, बायोटेक लैब, स्वतंत्र वेट लैब, यूटिलिटीज लैब, ड्राई ऑफिस स्पेसइन आदि प्रयोगशालाओं के जरिए शोध एवं डिजाइन में सहायता मिलेगी।