संदिग्ध बुखार से पीड़ित छात्रा और युवक की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित गांवों में पहुंचकर पड़ताल की। परिजनों से मामले की जानकारी लेने के साथ ही गांव में जागरूकता संबंधित पोस्टर भी चस्पा किए।
दो दिन पहले मंगलौर क्षेत्र के नगला गांव निवासी बुखार से पीड़ित 11वीं की छात्रा की मौत हो गई थी। वहीं, मंगलौर के आमखेड़ी गांव निवासी बुखार पीड़ित युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। बृहस्पतिवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों गांवों में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। टीम ने मृतकों के परिजनों से बातचीत की। साथ ही लोगों को डेंगू से सचेत रहने के लिए प्रेरित किया। गांव में डेंगू से जागरूक रहने के लिए पंफलेट और पोस्टर चस्पा किए। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मृतक छात्रा के परिजनों ने उसकी कोई जांच नहीं कराई थी। वे किसी डॉक्टर से दवा लेकर घर पर ही उसका उपचार कर रहे थे।
परिवार के किसी अन्य सदस्यों को बुखार की शिकायत नहीं है। ऐसे में ये कहना मुश्किल है कि बुखार किस कारण से था। वहीं, आमखेड़ी निवासी युवक को उपचार के लिए पहले सिविल अस्पताल लाया गया था। यहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। बुखार के अलावा युवक के फेफड़ों में इंफेक्शन बताया गया है। दोनों ही मामलों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि एहतियात के तौर पर गांव में कीटनाशक दवाओं का स्प्रे कराया गया। गांव में डेंगू से बचाव के पोस्टर लगाने के साथ ही पंफलेट बांटे गए हैं। टीम में वेक्टर इंस्पेक्टर सीएम कंसवाल और डॉ. अभिमन्यु भी शामिल थे।