एपीडा पहले चरण में गढ़वाल मंडल से ही सब्जियों का निर्यात करेगा। ऐसे में 24 को कंसाइनमेंट भेजा गया है, उसमें गढ़वाल मंडल के किसानों की सब्जियां शामिल हैं। मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि पहले चरण में गढ़वाल मंडल को लिया गया है।
इसके लिए हरिद्वार जिला मुख्य बाजार बनाया जाएगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सब्जियों का व्यापार करने के लिए हरिद्वार जिले की भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल हैं। यहां सब्जियों का ट्रांसपोर्ट करने के लिए रेलवे से लेकर एयरपोर्ट भी बहुत नजदीक है।
खीरा और तुरई रखती है अलग पहचान
वैसे तो हरिद्वार जिले में बहुत सारी सब्जियों का उत्पादन होता है, लेकिन इनमें खीरा और तुरई अपनी विशेष पहचान रखती है। रुड़की उद्यान अधिकारी राजेश प्रसाद जसोला ने बताया कि यहां खीरा और तुरई का साइज सामान्य रहता है। साथ ही इसकी गुणवत्ता भी बढ़ी हुई होती है। जिले में हाईब्रिड के बजाय देसी खीरे का ज्यादा उत्पादन होता है। इसकी बाजार में मांग भी अधिक होती है।