ग्राम सभा की भूमि पर कब्जों के खिलाफ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने पर एक परिवार के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में बाकायदा एलान कराते हुए परिवार से कोई संबंध रखने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई। याचिकाकर्ता ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को शिकायत कर जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मामला लक्सर तहसील के गंगदासपुर गांव का है। याचिकाकर्ता मंजू देवी ने मुख्यमंत्री और पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को दिए गए शिकायतपत्र में बताया कि उन्होंने गांव में स्थित ग्राम सभा की 12 हजार बीघा भूमि पर हुए अवैध कब्जों के मामले में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
मंजू देवी और उनके पति राजवीर सिंह ने बताया कि इससे नाराज ग्राम प्रधान व कुछ ग्रामीणों ने उनका बहिष्कार किया है। आरोप है कि छह दिसंबर को गांव में ढोल बजाकर एलान कराया गया कि जो भी व्यक्ति उनके परिवार के साथ संबंध रखेगा उसका भी बहिष्कार किया जाएगा।
साथ ही उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। इतना ही नहीं दुकानदारों पर भी उन्हें सामान नहीं बेचने का दबाव बनाया गया है। दंपती ने बताया कि एलान के बाद गांव में उनका बहिष्कार किया गया है। इससे उन्हें जानमाल का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को इसकी शिकायत की थी लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। दंपती ने अधिकारियों से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
बहिष्कार से बढ़ी परिवार की मुश्किलें
याचिकाकर्ता मंजू देवी और उनके पति राजवीर ने बताया कि गांव में बहिष्कार के एलान के बाद उनके सामने कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। ग्रामीणों के साथ उनके रिश्तेदार भी उनसे संपर्क रखने से कतरा रहे हैं। गांव में दुकानदारों से उन्हें खाद्य पदार्थ और दैनिक उपयोग की वस्तुएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके कारण वह रायसी या लक्सर से सामान आदि खरीदकर ला रहे हैं।
बहिष्कार का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो तत्काल जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -सौरभ असवाल, एसडीएम लक्सर -
मेरे कार्यभार संभालने से पूर्व दंपती ने प्रार्थनापत्र दिया है। इस पर जांच गतिमान है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।-देवेंद्र सिंह नेगी, सीओ, लक्सर
आरोप निराधार हैं। बहिष्कार जैसी कोई बात नहीं है। भूमि से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। -अनुज सिंह, ग्राम प्रधान के पति