लड़ाकू विमानों को दुश्मन के राडार की पकड़ से बचाने के लिए आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने एक तकनीक विकसित की है।
हाल ही में मुंबई में आयोजित ‘मेक इन इंडिया’ एक्सपो में इस तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। रक्षा क्षेत्र में इसके इस्तेमाल के लिए व्यापक उत्पादन की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
यह तकनीक मल्टी बैंड फ्रीक्वेंसी पर भी काम करेगी। यानी इस तकनीक से लैस विमान एक साथ अलग-अगल फ्रीक्वेंसी के राडार को चकमा देने में सक्षम होंगे।
आईआईटी के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक प्रो. धर्मेंद्र सिंह कई वर्षों से इस तकनीक पर काम कर रहे थे। अब उन्हें इसमें सफलता मिली है।