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अब दुश्मन के रडार की पकड़ में नहीं आएंगे लड़ाकू विमान

Wed, 13 Apr 2016 11:38 AM IST
अंकित कुमार गर्ग / अमर उजाला, रुड़की
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लड़ाकू विमान
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लड़ाकू विमानों को दुश्मन के राडार की पकड़ से बचाने के लिए आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने एक तकनीक विकसित की है।
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हाल ही में मुंबई में आयोजित ‘मेक इन इंडिया’ एक्सपो में इस तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। रक्षा क्षेत्र में इसके इस्तेमाल के लिए व्यापक उत्पादन की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

यह तकनीक मल्टी बैंड फ्रीक्वेंसी पर भी काम करेगी। यानी इस तकनीक से लैस विमान एक साथ अलग-अगल फ्रीक्वेंसी के राडार को चकमा देने में सक्षम होंगे।

आईआईटी के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक प्रो. धर्मेंद्र सिंह कई वर्षों से इस तकनीक पर काम कर रहे थे। अब उन्हें इसमें सफलता मिली है।
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केमॉफ्लाज आब्जर्विंग इमेज तकनीक से पकड़ में नहीं आएंगे विमान

रडार
रक्षा क्षेत्र में इस तकनीक को उपयोग में लाए जाने के उद्देश्य से फरवरी में मुंबई में आयोजित ‘मेक इन इंडिया’ एक्सपो में इसका प्रदर्शन भी किया गया। प्रो. धर्मेंद्र ने बताया कि एक्सपो में कई अन्य तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया।

किसी भी वस्तु को राडार की पकड़ से बचाने के लिए केमॉफ्लाज आब्जर्विंग इमेज तकनीक तैयार की गई है। विदेश में भी ऐसी तकनीक है। हालांकि देश में विकसित यह तकनीक ज्यादा कारगर है।

इस तकनीक के अंतर्गत कुछ इस तरह के पदार्थों का संयोजन किया जाता है, जो राडार की पकड़ में नहीं आते। इस पदार्थ को विशेष पालिशिंग के तहत किसी भी सतह पर पेस्ट किया जाता है।

इसके बाद कोई भी वस्तु राडार की पकड़ में नहीं आती है। यही प्रक्रिया युद्धक विमानों पर भी अमल में लाई जाती है।
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