रुड़की तहसील में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी।
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बकाया वसूलने पहुंची ऊर्जा निगम की टीम को किसानों ने घेर लिया। इस दौरान किसानों का कहना था कि जब शुगर मिल की ओर से गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है तो वे कैसे बिल जमा करें। इसके बाद ऊर्जा निगम की टीम लौट गई।
ऊर्जा निगम की ओर से गांव-गांव कैंप लगाकर बकाया बिल जमा किए जा रहे है। जिन उपभोक्ताओं का बिल जमा नहीं हो रहा है, उनका कनेक्शन काटा जा रहा है। बुधवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी मंगलौर क्षेत्र के मंडावली गांव पहुंचे। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के जिलाध्यक्ष विकेश चौधरी का कहना था कि इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का दो साल से अधिक का भुगतान बकाया है। लिब्बरहेड़ी शुगर मिल पर वर्तमान पेराई सत्र का अधिकतर भुगतान बकाया है। इसके चलते किसानों को घर चलाना भारी पड़ रहा है तो बिजली का बिल कहां से जमा करें। किसानों का कहना था कि बकाया बिल भी किसान एक मुश्त देने में असमर्थ हैं। किसानों ने भुगतान होने पर तुरंत बिल जमा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ऊर्जा निगम के अधिकारी लौट गए। इस दौरान रामकुमार, निशांत, आकाश, जय कुमार, संजय, शौकीन, गय्यूर, ऋषिपाल, अमित, संजीव, प्रमोद, ओमपाल, राजपाल, कृष्णपाल सिंह मौजूद रहे।