रुड़की स्थित प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक के दौरान प्रदर्शन करते भाकियू रोड़ गुट के पदाधिकारी ?
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भारतीय किसान यूनियन रोड़ की ओर से आयोजित पंचायत में किसान चकबंदी विभाग के खिलाफ जमकर बरसे। किसानों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम है। लंबित जांच को अधर में लटका रखा है। ऐसा ही चलता रहा तो वे सड़कों पर उतरकर चकबंदी विभाग के अधिकारियों को बंधक बनाएंगे।
शनिवार को भाकियू रोड़ गुट के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासनिक भवन में पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए चकबंदी विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार के सभी सबूत उपलब्ध कराए गए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एक जांच कमेटी भी बनाई लेकिन कई माह गुजर जाने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी। अब किसानों के सब्र का बांध टूट चुका है और जल्द ही चकबंदी विभाग के अधिकारियों को बंधक बनाया जाएगा।
जिलाध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि लंबे समय से बारिश नहीं हो पा रही है। ऐसे में जिले में सूखे जैसे हालत बन गए हैं। ऊपर से ऊर्जा निगम की ओर से लगातार बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती को बंद नहीं किया गया तो किसान सड़कों पर उतरेंगे। वहीं किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शनों को काटकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिला उपाध्यक्ष मुबारिक अली ने कहा कि जल्द ही किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराएगा। यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों को नहीं माना तो किसान फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर संजीव कुशवाहा, जिला महामंत्री चिश्ती आलम, तहसील अध्यक्ष जावेद आलम, रामदास, अनीस प्रधान, रविप्रकाश, रजत रोड़, इंद्र रोड़, रिजवान, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।