बैंक में चेक कैश कराने आए एक कंपनी के कर्मचारी को पांच लाख का लालच महंगा पड़ गया। दो ठगों ने झांसे में लेकर एक लाख रुपये ले लिए और फरार हो गए। रुपये गंवाने के बाद कर्मचारी ने पुलिस को तमंचे के बल पर लूट की झूठी सूचना दी। पुलिस ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी खंगाले तो सच्चाई सामने आई। पुलिस कर्मचारी से पूछताछ के साथ ही दोनों की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, बिहार निवासी राजेंद्र सिंह एक कंपनी में कर्मचारी है। मंगलवार को कंपनी के अधिकारी ने राजेंद्र सिंह को एक लाख का चेक बैंक से कैश कराने के लिए भेजा था। चेक लेकर वह बैंक पहुंचा और जमा करवा दिया। बैंक कर्मचारी ने कुछ देर बाद कैश देने की बात कही। इस बीच वह बैंक के अंदर ही बेंच पर बैठकर कैश का इंतजार करने लगा। इस दौरान उसके पास दो लोग आकर बैठ गए और बातचीत करने लगे। उक्त लोगों ने पांच लाख का चेक कैश होने की बात कही। इस बीच वह राजेंद्र से भी बातचीत करने लगे। साथ ही राजेंद्र को बताया कि उनका भी पांच लाख चेक कैश होना है लेकिन उसमें काफी समय लगेगा। वह उन्हें एक लाख रुपये कुछ देर के लिए दे दे तो वह कुछ देर बाद आकर उसे लौटा देंगे। उनके झांसे में आकर राजेंद्र ने एक लाख रुपये दे दिए। दोनों ने राजेंद्र से बताया कि उनका पांच लाख का चेक जो कैश होगा वह उसे लेकर अपने पास रख ले। इसके बाद दोनों कुछ देर बाद आने की बात कहकर चले गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी चेक कैश न होने और दोनों लोगों के वापस नहीं आने पर राजेंद्र को ठगी का अहसास हुआ। रुपये गंवाने के बाद उसने पुलिस और कंपनी में तमंचे के बल पर लूट की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी खंगाले। इसके बाद लूट की झूठी सूचना का पता चला। पुलिस ने राजेंद्र से कड़ी पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई बताई। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सीसीटीवी की मदद से दोनों लोगों की तलाश की जा रही है।