फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वैक्सीन सेंटरों से निराश होकर लौटे बुजुर्ग और युवक

विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। जरूरत के मुताबिक वैक्सीन नहीं पहुंचने से शहर में वैक्सीनेशन अभियान ठप होता जा रहा है। शनिवार को भी शहर के 10 वैक्सीनेशन सेंटरों में से अधिकतर पर दोपहर तक वैक्सीन खत्म हो गई थी। इसके बाद लोगों को यहां से निराश होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन

तीन दिन बाद शनिवार को शहर के 10 सेंटरों पर वैक्सीनेशन शुरू हुआ। यहां स्वास्थ्य विभाग ने हर सेंटर पर 18 और 45 से ऊपर वालों को एक साथ वैक्सीन लगानी शुरू कर दी। इससे सेंटरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान नगर के बीएसएम इंटर कॉलेज में लगे सेंटर पर शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ीं। सेंटर पर वैक्सीन लगवाने पहुंची शेखपुरी निवासी ममता गोयल और राहुल चांदना ने बताया कि वे करीब एक घंटे पहले लाइन में लगे थे, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। उनका आरोप था कि स्कूल स्टाफ के कुछ लोग दूसरे गेट से अपने लोगों को वैक्सीन लगवा रहे हैं। इस दौरान कॉलेज में स्टाफ के साथ ही अन्य लोगों ने शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया। सही वैक्सीनेशन नहीं होने से गुस्साए कई युवा यहां लाइनों से निकलकर दूसरे सेंटरों पर वैक्सीन लगवाने पहुंचे। वहीं गांधी शिल्प महिला विद्यालय में दोपहर को ही वैक्सीन खत्म हो गई। ऐसे में यहां लाइन में लगे करीब 20 लोगों को वापस जाना पड़ा। इसी तरह नगर निगम, स्कूल नंबर 14, आदर्शनगर आदि सेंटरों पर भी एक बजे के बाद वैक्सीन खत्म हो गई थी। ऐसे में मायूस होकर लौटे लोगों में भारी रोष था। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की परियोजना प्रबंधक रंजना भटनागर ने बताया कि शनिवार को 18 से ऊपर वाले 1621 लोगों को और 45 से ऊपर वाले 1079 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। कम मात्रा में वैक्सीन पहुंचने के चलते लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
स्कूल नंबर 14 पर स्टाफ से अभद्रता
पुरानी तहसील स्थित प्राथमिक स्कूल नंबर 14 पर शनिवार को दोपहर के समय वैक्सीन खत्म हो गई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क गया। उनका कहना था कि उन्हें दूसरी डोज लगनी है, लेकिन वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है। इस पर स्टाफ ने उन्हें समझाने का प्रयास किया कि वैक्सीन हरिद्वार से आती है, लेकिन लोगों ने स्टाफ के साथ अभद्रता करनी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की परियोजना प्रबंधक रंजना भटनागर ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को फोन कर मामले की जानकारी दी और सेंटर पर स्टाफ की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किए जाने की मांग की। जेएम ने जल्द ही पुलिस भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम तक सेंटर पर पुलिस बल नहीं पहुंचा। ऐसे में सेंटर स्टाफ में भी पुलिस और प्रशासन के प्रति रोष है। स्टाफ का कहना है कि सेंटरों पर आने वाले लोग उनकी गलती नहीं होने पर भी गाली-गलौज कर चले जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें