रुड़की रोडवेज अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़।
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विधानसभा चुनाव खत्म होने के तीन दिन बाद भी रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को राहत नहीं मिल पाई। शादियों का सीजन चलने के कारण यात्रियों की भीड़ बेशुमार है जबकि अधिकारियों को चुनाव में गईं 10 बसों के वापस आने का इंतजार है। अधिकारियों के मुताबिक, बसों के लौटने से यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर मिल जाएगी।
विधानसभा चुनाव को लेकर करीब दस दिन पहले निर्वाचन आयोग ने रुड़की डिपो की सभी 22 बसों का अधिग्रहण कर लिया था। इसके बाद यातायात व्यवस्था पटरी से उतर आई थी। यात्रियों को करीब पांच दिन से लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि, मंगलवार को चुनावी ड्यूटी में लगीं रोडवेज की 10 बसें बेडे़ में लौट आई थीं, लेकिन 10 बसें अभी तक चुनावी ड्यूटी से नहीं लौटी हैं। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को सुबह ही रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दोपहर करीब दो बजे रोडवेज परिसर सुनसान पड़ा था, जबकि यात्री इधर-उधर छांव में बैठकर बसों का इंतजार कर रहे थे।
जब भी कोई बस आती दिखाई देती, यात्री सामान उठाकर दौड़ पड़ते। अधिकारियों के मुताबिक, इस समय अमूमन ज्यादा भीड़ नहीं रहती है, लेकिन शादियों का सीजन चलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक शेष दस बसें भी डिपो पहुंच जाएंगी। इसके बाद यात्रियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। एआरएम आलोक बेनवाल ने बताया चुनाव ड्यूटी में लगी दस बसें तो आ गई हैं, लेकिन दस बसें अभी नहीं आई है। उम्मीद है शाम तब बसें पहुंच जाएगी। शुक्रवार से लोगों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।
एक-दो दिन में मिल सकती है राहत
वैसे तो रुड़की डिपो में बसों की किल्लत के बीच उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ आदि जगह की बसों से यात्रियों को राहत मिल जाती थी, लेकिन अभी तक इन राज्यों की बसों का यहां ज्यादा संख्या में आवागमन नहीं हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में यूपी की बसों का संचालन शुरू हो जाएगा, इसके बाद यात्रियों को राहत मिल पाएगी।