रुड़की। शिवरात्रि का पर्व शहर से देहात तक श्रद्धापूर्वक मनाया गया। चतुर्दशी की तिथि शुक्रवार की शाम से आरंभ होने के चलते ज्यादातर शिवालयों में शाम के समय जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगीं, जबकि सुबह के समय मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। हरिद्वार से गंगा जल लाकर अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं का देर रात तक मंदिरों में तांता लगा रहा।
शुक्रवार की सुबह त्रयोदशी तिथि में शिवभक्तों ने व्रत का संकल्प लेकर मंदिरों में भगवान का जलाभिषेक किया। इसके बाद शाम छह बजे के बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होने पर श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के द्रव्यों जल, दूध, शहद, शक्कर आदि से भगवान शिव का अभिषेक किया। इस दौरान शिवभक्तों ने खासतौर से बेलपत्र चढ़ाकर भगवान से फल की मनोकामना की। सिविल लाइंस स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई थी, जहां शिवभक्तों ने धूप दीप आदि करने के साथ ही विभिन्न प्रकार के फल एवं मेवों का भोग अर्पित किया। इसके अलावा शहर के रामनगर, आवास विकास, गणेशपुर, लालकुर्ती, आदर्शनगर, सुभाषनगर, शास्त्रीनगर, नेहरूनगर, आईआईटी स्थित सरस्वती मंदिर और पुरानी तहसील स्थित शिवालयों में भगवान की पूजा अर्चना की गई।
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कृष्णानगर में हुए उज्जैन के महाकाल के दर्शन
रुड़की। कृष्णानगर स्थित शिव मंदिर में शिवरात्रि का पर्व अलग अंदाज में मनाया गया। इस दौरान उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर भगवान शिव का शृंगार लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। महाकाल की तरह ही शिवलिंग पर भगवान की आकृति उकेरी गई थी और इसे फूलों से सजाया गया था।
कृष्णानगर की गली नंबर 16 स्थित भगवान शिव मंदिर में आचार्य नरेश सेमवाल और मोहित कुमार धीमान ने शिवलिंग का उज्जैन के महाकाल की तरह साज शृंगार किया। उन्होंने बताया कि उज्जैन के महाकाल की विश्व भर में मान्यता है। यू-ट्यूब से उनके शृंगार की विधि सीखने के बाद मंदिर के शिवलिंग को सजाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद अर्पित कर पूजा अर्चना की। इस मौके पर अरुण गुर्जर, अमित शर्मा, विपुल, शिवम, प्रियांशु और कनिष्का आदि उपस्थित रहे। संवाद
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जलाभिषेक के साथ ही मंदिरों में हुए यज्ञ
खानपुर/लक्सर। सावन की शिवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को लक्सर और खानपुर क्षेत्र के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की जलाभिषेक करने के लिए लाइनें लगी रहीं। दोपहर तक शिव मंदिरों में लोग जलाभिषेक करते रहे। दर्जनों मंदिरों में इस अवसर पर हवन यज्ञ भी किया गया। इस मौके पर लक्सर, खानपुर और सुल्तानपुर क्षेत्रों के शिव मंदिरों में धूमधाम से पूजा अर्चना की गई। लक्सर के प्राचीन शिव मंदिर सिमली, सुल्तानपुर क्षेत्र के महाभारतकालीन पंचेश्वर शिवमंदिर, गोवर्धनपुर, प्रह्लादपुर और खानपुर के महाभारतकालीन जटा शंकर महादेव मंदिर में शिवभक्तों ने सावन की शिवरात्रि पर सुबह से ही शिवलिंग का जलाभिषेक करना शुरू कर दिया था। वहीं खानपुर के जटा शंकर महादेव मंदिर सहित सभी मंदिरों मे हवन यज्ञ किया गया। संवाद
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‘शिव की आराधना करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति’
रुड़की। रामनगर स्थित शिव मंदिर में शिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इस दौरान शिव चौक पर श्रद्धालुओं को विधायक प्रदीप ने गंगाजल और प्रसाद वितरण किया। उन्होंने कहा कि जिन शिव भक्तों को कोरोना काल के चलते हरिद्वार जाने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ, उनके लिए उन्होंने गंगा जल की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। विधायक प्रतिनिधि नंदकिशोर गुप्ता ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इस अवसर पर रोहित चावला, हनीश अरोड़ा, विकास गुप्ता, दीपक अरोड़ा, अनुराग गोयल, संदीप गोयल, विवेक मल्होत्रा, रिंकू गेरा, तरुण गर्ग, गुरमीत बेदी और अमित लखानी आदि उपस्थित रहे। संवाद