रुड़की। करीब 25 साल बाद फिर भगवानपुर क्षेत्र इस तरह की घटना से दहल उठा है। वर्ष 1993 में कोयला बनाने की भट्टी पर काम करने वाले पूरे परिवार की सामूहिक रूप से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा रुड़की और देहात क्षेत्र में परिवार के लोगों की सामूहिक हत्याएं दिल दहलाती रहीं। चिंता की बात यह है कि हर घटना में विश्वास का कत्ल हुआ है। शुक्रवार को लव्वा गांव की घटना ने पूरे क्षेत्र को फिर दहशत में ला दिया।
भगवानपुर क्षेत्र में वर्ष 1993 में कोयला बनाने की भट्टी पर काम करने वाले पूरे परिवार की सामूहिक रूप से निर्मम हत्या कर दी थी। जनता रोड सहारनपुर निवासी यह परिवार कोयले की भट्टी चलाकर गुजर बसर करता था। उस दौरान बताया गया था कि आरोपी बजीरा (निवासी धनकड़पुर थाना फतेहपुर यूपी) की भगवानपुर के चांदचक गांव में शादी हुई थी। इसका भट्टी पर काम करने वाले लोगों के घर आना जाना था। किसी बात को लेकर बजीरा ने एक परिवार से रंजिश पाल ली थी और भट्टी पर काम करने वाले पति-पत्नी समेत पांच लोगों को धारदार हथियारों से काटकर मार डाला था। 25 साल बाद भी यह घटना क्षेत्र के लोग याद करते हैं तो दहल जाते हैं।
इसके अलावा भगवानपुर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहपुर गांव में करीब दो साल पूर्व रात के समय खेत की रखवाली करने गए किसान के बेटे और उसके नौकर की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इस घटना का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है।
वर्ष 2004 में रुड़की डिफेंस कॉलोनी में छैमार गिरोह ने लूट के इरादे से पति-पत्नी और बच्चे समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी। करीब 10 साल पूर्व रुड़की सुभाषनगर का तिहरा हत्याकांड ने भी लोगों को सकते में डाल दिया था। यहां परिवार के मुखिया के एक दोस्त ने ही अपने दोस्त, उसकी मां और बहन की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने कंडेला कैराना जिला शामली निवासी को गिरफ्तार कर लिया था। पिछले साल ही रुड़की के समीप शेरपुर स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले चाचा भतीजे की हत्या कर दी थी। पुलिस ने खुलासे में बताया था कि प्रधानपति ने फैक्ट्री मालिक की जमीन खरीदने के लिए दबाव बनाने को इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।