ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
गोल्ड लोन कंपनी में लूट के प्रयास के मामले में आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिलने के बाद उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की दो स्पेशल टीमें पश्चिमी यूपी भेजी गई हैं। वहीं, दो दिन पूर्व भेजी गईं पांच टीमों को वापस बुला लिया गया है।
पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की कार की तलाश करती हुई मेरठ के टोल प्लाजा तक पहुंच गई है। यहां टोल प्लाजा से पहले लगे कैमरे में बदमाशों की कार दिखाई दी है, लेकिन टोल प्लाजा से आगे कार का पता नहीं लगा। माना जा रहा है कि टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले ही एक चोर रास्ता भी है। ऐसे में हो सकता है कि इसी आरोपी इसी रास्ते से फरार हुए हों। पुलिस इसी उधेड़बुन में जुटी थी कि बृहस्पतिवार देर रात कार के बाबत महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि पांच टीमें पहले रवाना की गई थीं, जो लौट आई हैं। अब दो स्पेशल टीमें रवाना की गई हैं। जल्द ही बदमाशों की धरपकड़ कर ली जाएगी।
फर्जी नंबर के जरिये धोखा देने की कोशिश
बदमाशों ने जिस कार का प्रयोग किया, चकमा देने के लिए उस पर देहरादून के नंबर की प्लेट लगा रखी थी। पहले पुलिस को यही अंदेशा था कि कार देहरादून की है, लेकिन नंबर ट्रेस किया गया तो पता चला कि वह फर्जी है। पुलिस मान कर चल रही है कि जिस तरह से बदमाशों ने बड़ी कार का इस्तेमाल किया है, उस हिसाब से बदमाश लंबी दूरी तय कर रुड़की पहुंचे थे। सीओ चंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर बदमाशों के बारे में सुराग लगाया जा रहा है।