ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट में नगर निगम पार्षद की तीन संतान होने की शिकायत की पुष्टि की है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। अब जिलाधिकारी को इस मामले में आगे की कार्रवाई करनी है।
ज्वालापुर निवासी विशेष कुमार ने सात मई को जिलाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारियों को शिकायत कर बताया था कि रुड़की नगर निगम के वार्ड नंबर चार खंजरपुर से पूनम देवी पार्षद हैं। पूनम देवी ने नगर निगम रुड़की के 2019 में हुए चुनाव में नामांकन के समय तीन संतानों के बाबत तथ्य छिपाए थे और झूठा शपथ पत्र दिया था। शपथ पत्र में दो बच्चे होना दर्शाया गया है जबकि उनके तीन जीवित संतानें हैं।
पत्र में बताया गया है कि उत्तराखंड राज्य के 2 जुलाई 2002 को जारी शासनादेश के अनुसार 21 सितंबर 2003 के बाद यदि किसी जनप्रतिनिधि की तीसरी संतान पैदा होती है तो वह निकाय चुनाव में प्रतिभाग नहीं कर सकता है। ऐसे में पूनम देवी की ओर से किया गया नामांकन गलत है। शिकायती पत्र के साथ ही सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त किए गए आंगनबाड़ी और चिकित्सक के कुछ दस्तावेज भी दिए गए हैं। इसमें पार्षद की तीसरी संतान होने के बाबत जानकारी दी गई है।
मामले में जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह को जांच के आदेश दिए थे। अब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता ने जो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। उनसे आरोपों की पुष्टि हुई है। वहीं पार्षद ने भी माना है कि उसने तीन बच्चों को जन्म दिया है। इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी गई है। डीएम के स्तर से ही मामले में कार्रवाई होनी है। वहीं इस मामले में पार्षद पूनम देवी पहले ही कह चुकी है कि वह बच्चा उन्होंने चुनाव से काफी पहले कानूनी प्रक्रिया तहत गोद दे दिया था।
एक अन्य पार्षद की भी जांच शुरू
- नगर निगम के एक और पार्षद के तीन संतान होने को लेकर शासन स्तर पर शिकायत की गई है। शिकायत जिलाधिकारी को भेजी गई है। इसके बाद इस मामले में भी जांच शुरू हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि इस तरह की एक और शिकायत मिली है। इसमें भी पार्षद के तीन बच्चे होने की बात कही गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।