पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए लोग पांच महीने से एआरटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। कारण यह है कि प्लेट लगाने वाली कंपनी से परिवहन विभाग का अनुबंध करीब पांच महीने पहले खत्म हो गया था। अधिकारी जल्द ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू होने का आश्वासन दे रहे हैं।
परिवहन निगम के आदेशानुसार वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य है। इसके बिना वाहन से संबंधित कोई भी कार्य नहीं हो पाता है। साथ ही चालान भी कट सकता है। पुराने वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए सीएससी सेंटर या एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद फीस जमा कर नई नंबर प्लेट लग जाती है।
रुड़की एआरटीओ कार्यालय में रोजाना 30 से 40 हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाती थीं, लेकिन करीब पांच महीने से लोग भटक रहे हैं। साकेत निवासी सोनू गुर्जर और मोहित शर्मा का कहना है पांच महीने से वे नई नंबर प्लेट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, एआरटीओ ऐलविन रॉक्सी ने बताया कि आरटीओ का हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाली कंपनी से अनुबंध करीब पांच महीने पहले खत्म हो गया था। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के चलते अन्य किसी कंपनी से अनुबंध नहीं हो पाया।