नारसन बार्डर पर ग्रीन कार्ड बनवाते लोग।
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चारधाम यात्रा पर जाने के लिए गुजरात से पहुंची एक बस का ग्रीनकार्ड नहीं बनाने पर चालक और यात्रियों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने परिवहन विभाग के कर्मचारियों पर यात्रियों को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मानक पूरे करने के बावजूद उनका ग्रीनकार्ड नहीं बनाया जा रहा है।
शुक्रवार को गुजरात से चारधाम यात्रा के लिए जा रही एक बस नारसन बॉर्डर पर पहुंची। यहां पहुंचकर उन्होंने ग्रीनकार्ड बनवाने के लिए गाड़ी की फिटनेश जांच करवाई। वहां मौजूद परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि बस का पीछे का हिस्सा मानकों से तीन इंच ज्यादा बाहर निकला हुआ है। उन्होंने इस अतिरिक्त हिस्से को कटवाने की बात कही। इस पर वह तीन इंच हिस्सा कटवाकर ले आए। उन्होंने जब दोबारा फिटनेश चेक करवाई तो कर्मचारियों ने दूसरी बार भी गाड़ी का चार इंच हिस्सा बाहर निकले होने की बात कहते हुए कटवाकर लाने की बात कही। इस पर चालक समेत अन्य यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि कर्मचारी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। हंगामा होता देख अन्य बसों में सवार यात्री भी मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने भी यात्रियों को बिना बात के परेशान करने का आरोप लगाया। मामले की सूचना मिलने ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रियों और चालक को शांत कराया। वहीं इस मामले में एआरटीओ प्रवर्तन कुलवंत सिंह ने बताया कि बस का पीछे का हिस्सा बढ़ा हुआ है। ड्राइवर संतुष्ट नहीं हैं तो रुड़की या ऋषिकेश में भी ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं। चालक वहां पहुंचकर भी मानकों का सत्यापन करवा सकता है।
गंदगी के ढेर से हो रहा यात्रियों का स्वागत
बॉर्डर पर जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर से यात्रियों का स्वागत हो रहा है। राज्य में दो वर्ष बाद चारधाम यात्रा शुरू हुई है। इसमें अन्य प्रदेशों से उत्तराखंड में श्रद्धालुुओं और यात्रियों का आना शुरू हो गया है। इसको देखते हुए नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड केंद्र बनाया गया है। साथ ही यहां यात्रियों के रजिस्ट्रेशन भी किए जा रहे हैं। अभी यात्रा शुरू हुई ही है कि बॉर्डर पर व्यवस्थाएं बदहाल होने लगी हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यहां केवल कहने के लिए शौचालय हैं। इन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यहां फैली गंदगी को देखकर यात्री तुरंत बाहर निकल जाते हैं। शौचालयों से निकल रहा बदबूदार पानी भी परिसर में फैल रहा है।
‘बॉर्डर पर दलाल मांग रहे पैसे’
चारधाम यात्रा के लिए बनवाए जा रहे ग्रीन कार्डों में भी दलालों के सक्रिय होने का मामला सामने आया है। बॉर्डर पर पहुंचे नागपुर निवासी एक व्यक्ति ने लिखित में इसकी शिकायत की है। एआरटीओ विभाग ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
चारधाम यात्रा पर जा रहे नागपुुर निवासी राजेश मिश्रा ने नारसन बॉर्डर पर एआरटीओ के नाम लिखित में शिकायत दी है। इसमें कहा गया है कि बॉर्डर पर ग्रीनकार्ड बनवाने के लिए दलाल पैसे मांग रहे हैं। उन्होंने दलालों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में बताया गया है कि शुक्रवार को जब वह बॉर्डर पर पहुंचे तो वह ग्रीनकार्ड बनवाने के लिए कर्मचारियों के पास गए। वहां एक दलाल ने उनसे ग्रीन कार्ड बनवाने के बदले पैसे देने की मांग की। एआरटीओ प्रवर्तन कुलवंत सिंह चौहान ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में पीड़ित से बात की गई तो वह यह नहीं बता पा रहे हैं कि पैसे की मांग किसने की है। इसके बावजूद अपने स्तर पर मामले की जांच करवाई जा रही है।