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बेडे में बसें तो लौटी, यात्रियों को राहत नहीं

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रुड़की रोडवेज अड्डे पर बस की इंतजार में खड़े यात्री। - फोटो : ROORKEE
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करीब छह दिन बाद चुनावी ड्यूटी में लगीं डिपो की बसें अपने बेडे़ में लौट तो आईं, लेकिन इससे यात्रियों को पूरी राहत नहीं मिल पाई। दिनभर बसों के लिए यात्री भटकते रहे। जैसे ही बस अड्डा परिसर में बसें आकर रुकतीं, कुछ ही देर में यात्रियों से खचाखच भर रही थीं। सबसे ज्यादा दिक्कत देहरादून और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी।
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विधानसभा चुनाव को लेकर करीब दस दिन पहले निर्वाचन आयोग ने रुड़की डिपो की 22 बसों का अधिग्रहण कर लिया था। इसके बाद यातायात व्यवस्था पटरी से उतर आई थी। यात्रियों को करीब पांच दिन से ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। हालांकि, मंगलवार को रोडवेज बसें अपने बेडे़ में लौटनी शुरू हो गई थीं। ऐसे में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बुधवार को रोडवेज की स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई दी। सुबह ही बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। दोपहर करीब 12 बजे स्थिति ये थी यात्रियों की संख्या के सामने बसें कम पड़ने लगीं। लंबे अंतराल के बाद आ रही बसों में यात्रियों की भारी भीड़ थी।
सीटें नहीं मिलने के चलते यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। लंबी दूरी वाले यात्रियों को बसों में सीटें नहीं मिलने से इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत रुड़की से देहरादून, मेरठ और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी। पूछताछ केंद्र पर भी कर्मचारी बसों के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दे पाए। उधर, बसें नहीं मिलने से यात्रियों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रुड़की रोडवेज डिपो के एआरएम आलोक बेनवाल ने बताया चुनाव ड्यूटी में लगी सभी बसें लौट आई हैं। अभी यात्रियों की भीड़ ज्यादा होने और यूपी व हरियाणा की बसें नहीं आने के चलते दिक्कत हुई है। जल्द ये दिक्कत भी दूर हो जाएगी।
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