लखीमपुर खीरी में चार किसानों व एक पत्रकार की दूसरे दिन भी अस्थि कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान क्लश यात्रा का जगह-जगह किसानों ने स्वागत किया। वहीं, भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने उत्तराखंड में आई आपदा में भी मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
बृहस्पतिवार को गुड़ मंडी स्थित शहीद स्थल से लखीमपुर खीरी में मृतक चार किसानों व एक पत्रकार की अस्थि कलश यात्रा शुरू हुई। यात्रा से पूर्व किसानों ने मृतक किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद अस्थि कलश यात्रा मंगलौर गुड़ मंडी से होते हुए गुरुकुल नारसन, पुरकाजी से सुवाहेड़ी होते हुए खानपुर के लिए रवाना हुई। इस दौरान भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की मौत के बाद उनकी अस्थियों की यात्रा निकाली जा रही है। कहा कि उत्तराखंड में आई आपदा में मृतकों के परिजनों को प्रदेश सरकार को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए। सरकारों की ओर से पेट्रोल डीजल पर जो शुल्क वसूला जा रहा है, उसका एक दिन का पूरा शुल्क उत्तराखंड में मृतक परिवारों को देना चाहिए। मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी व मंडल महामंत्री रवि चौधरी ने भी अस्थि कलश यात्रा के दौरान केंद्र व राज्य सरकारों पर जमकर हमला बोला। इस अवसर पर रामपाल सिंह, सुक्रमपाल सिंह, अरशद अली, अरविंद राठी, सोहन वीर सिंह, सचिन कुमार व नदीम आदि शामिल रहे।
इसके बाद अस्थियों का क्लश खानपुर यूपी बॉर्डर पहुंचा। इसके बाद प्रह्लादपुर के शिव हनुमान मंदिर परिसर में क्षेत्र के किसानों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अस्थि क्लश का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस दौरान भाकियू के प्रदेश महामंत्री रवि चौधरी, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, अरविंदर सिंह आदि मौजूद रहे। इसके बाद यात्रा लक्सर पहुंची और बसेड़ी, सेठपुर, ऐथल होते हुए दीनारपुर पहुंची। इस मौके पर गुफरान, अंकित कुमार, वीरेंद्र सिंह, संजय चौधरी, दीपक कुमार, संदीप कुमार व कुशल चौधरी आदि मौजूद रहे।