बैंकों के निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार दो दिन की हड़ताल के चलते बैंकों में करीब 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
रुड़की के बीटी गंज स्थित पीएनबी शाखा के बाहर यूनियन के बैनर तले बैंक कर्मियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यूनियन कामरेड मन्नू माकिन, अनिल अग्निहोत्री, विशाल गुप्ता ने कहा कि सरकार लगातार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण कर उन्हें ऐसे लोगों को सौंपना चाहती है जो बैंकों का अरबों-खरबों रुपये दबाए हैं। बैंक कर्मचारी आंदोलन कर इसी का विरोध कर रहे हैं। यूनियन के संयुक्त सचिव मन्नू माकिन ने बताया कि हड़ताल के चलते करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन का काम प्रभावित हुआ है। इस दौरान विनोद गुप्ता, विपिन थपलियाल, अर्जुन गांधी, विजय गुप्ता, मनोज खुराना, राकेश सैनी, विपिन मलिक, तरुण त्यागी, अर्जुन गुप्ता, पीयूष, कुलवंत सिंह, पवन, कुलदीप सिंह, प्रमोद, अनिल बजाज, प्रेम सिंह, निधि अग्रवाल, नीना अग्रवाल आदि मौजूद थे।
बैंकों की हड़ताल से परेशानी
लक्सर। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों के निजीकरण के विरोध में कस्बे के सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इससे कस्बे समेत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, कई एटीएम में पैसे नहीं होने से लोगों को मायूसी हाथ लगी।