नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सहायक नगर आयुक्त ने मेयर को पत्र सौंपा है। इसमें बताया गया है कि दो माह में बैठक नहीं बुलाने से हाईकोर्ट की अवमानना का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही कभी भी आचार संहिता लग सकती है।
गौरतलब है कि हाल में एक प्रॉपर्टी की लीज नवीनीकरण के मामले में रुड़की निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए नगर निगम को लीज के मामले को दो माह में बोर्ड बैठक आयोजित कर रखे जाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश नगर निगम में पहुंचे तो अधिकारी भी हरकत में आ गए। विगत सोमवार को सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता की ओर से मेयर गौरव गोयल को पत्र जारी किया गया जिसमें हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए बताया गया कि दो माह के भीतर बोर्ड बैठक की जानी है। ऐसा नहीं करना हाईकोर्ट की अवमानना होगा। पत्र में उन्होंने बताया कि कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में जल्द से जल्द बोर्ड बैठक बुलानी जरूरी होगी। ज्ञात हो कि पिछले कई महीने से मेयर और पार्षदों में बोर्ड बैठक बुलाने को लेकर खींचतान चल रही है।