शॉर्ट सर्किट की वजह से आग का गोला बनी कार
भारी भरकम चालान और सीज की कार्रवाई से नाराज 150 ट्रैक्टर-ट्राॅली चालकों ने सोमवार को ईंट कल्याण समिति अध्यक्ष नरेश त्यागी के साथ एआरटीओ को घेर लिया। छह घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा। चालकों ने चेताया है कि यदि उन्हें बेवजह परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह प्रदर्शन जारी रखेंगे। खबर लिखे जाने तक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को शांत करने में जुटे हुए थे।
सोमवार दोपहर 12 बजे ट्रैक्टर-ट्राॅली चालक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने दरी बिछाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वाहनों के 80-90 हजार रुपये तक के चालान किए जा रहे हैं। विरोध करने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर दिया जाता है। एक महीने में रुड़की और अन्य देहात क्षेत्रों में अनगिनत चालकों के चालान हो चुके हैं। कई वाहनों को सीज कर थाने में खड़ा करा दिया गया है।
समिति अध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राॅली चालकों की जो भी समस्या है उनको वह अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय पर पहुंचे हैं। वह विभाग का सहयोग करने के लिए तैयार है लेकिन बेवजह चालकों को परेशान न किया जाए। वहीं एआरटीओ (प्रवर्तन) कृष्णा पलाड़िया ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राॅली का संचालन यदि नियम विरुद्ध होता है तभी कार्रवाई की जाती है।
168 भट्ठे प्रभावित, 20 में पथाई का काम हुआ बंद
समिति अध्यक्ष नरेश त्यागी ने अधिकारियों को अवगत कराया कि हरिद्वार जिले में करीब 168 ईंट भट्ठे हैं जो लंढौरा, कलियर, झबरेड़ा, लक्सर, मंगलौर और टिकौला आदि में हैं। करीब 20 ईंट-भट्ठों पर पथाई का काम भी बंद हो गया है। ऐसे में ईंट भट्ठा संचालक और ट्रैक्टर-ट्राॅली चालकों दोनों पर एआरटीओ की कार्रवाई का असर पड़ रहा है। विभाग की ओर से मानक तय कर दिए जाएं कि ट्रैक्टर-ट्राॅली में कितनी हजार ईंटें भरी जा सकती हैं। उसी मुताबिक ट्रैक्टर-ट्राली चालक ईंट भराई का काम करेंगे।