दरगाह हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में पहली नौचंदी जुमेरात पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक समेत दरगाह इमाम साहब, किलकिली साहब, गैब अली शाह और अब्दाल साहब की दरगाहों पर जियारत कर देश में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
दरगाह साबिर पाक का सालाना उर्स मेहंदी डोरी की रस्म के साथ शुरू हो चुका है। उर्स में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से जायरीनों का कलियर पहुंचना लगातार जारी है। पहली नौचंदी जुमेरात के अवसर पर दरगाह परिसर में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली।
जायरीनों को जियारत के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। मान्यता है कि चांद दिखाई देने के बाद पड़ने वाली पहली जुमेरात को नौचंदी जुमेरात कहा जाता है और इस दिन की गई दुआएं विशेष रूप से कबूल होती हैं। इसी आस्था के कारण दिल्ली, बरेली, पंजाब, रामपुर, मुरादाबाद, आगरा, नजीबाबाद, सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत कई शहरों से बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंचे।
जुमेरात के अवसर पर दरगाह के सभी प्रवेश द्वारों पर भीड़ रही। वहीं इमाम साहब, किलकिली साहब, गैब अली शाह और अब्दाल साहब की दरगाहों पर भी जायरीनों का तांता लगा रहा।
महफिलखाने में हुआ खत्म शरीफ
नौचंदी जुमेरात के अवसर पर दरगाह परिसर स्थित महफिलखाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया। इसमें सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी, शाह यावर अली एजाज साबरी समेत अन्य सूफी संतों और अकीदतमंदों ने शिरकत की। कार्यक्रम में कुरानख्वानी के बाद विशेष दुआ कर मुल्क में अमन, भाईचारे, तरक्की और सलामती की कामना की गई। इस दौरान दूर-दराज से आए जायरीन बड़ी संख्या में दुआओं में शामिल हुए।