पिरान कलियर। कलियर में करोड़ों रुपये की लागत से बने हाईटेक लंगरखाने मेंअब जायरीन लंगर चख सकेंगे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की ने लंगर तकसीम (बांटने)करने पर प्रतिबंध लगाते हुए लंगर खाने में लंगर चलाए जाने के निर्देश दरगाह प्रबंधक को दिए थे । जिसकी तैयारी कर ली गई है। सोमवार को रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल लंगर खाने में व्यवस्था का जायजा लेंगी। साथ ही साथ नई परंपरा का शुभारंभ करेंगी।
विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान कलियर के लंगर पर चली आ रही सैकड़ों साल पुरानी परंपरा लंगर तकसीम (बांटने ) करने को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने निरीक्षण किया था, इस दौरान लंगर बांटे जाने को लेकर शिकायतें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्राप्त हुई थी। उन्होंने लंगर बांटे जाने पर प्रतिबंध लगाते हुए लंगर को लंगर खाने में ही बैठाकर खिलाए जाने के निर्देश दरगाह प्रबंधक शमशाद अंसारी को दिए थे। साथ ही हाईटेक लंगर खाने में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए थे। जिसे साबिर पाक के लंगर को लंगर खाने में बैठाकर खिलाए जाने की व्यवस्था की गई है। ज्ञात हो कि साबिर पाक का लंगर आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रो की विधवा, बेसहारा, और मस्त मलंगों सहित जायरीनों को बांटा जाता था। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जो लंगर के पात्र न होकर लंगर प्राप्त कर रहे थे और जरूरतमंदों को लंगर नही मिल पा रहा था। वक्फबोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अब्दुल अलीम अंसारी ने बताया है कि लंगरखाने में बैठाकर लंगर खिलाए जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिसका ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोमवार को शुभारंभ करेंगी।
ज्ञात हो कि कई साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से पिरान कलियर में हाईटेक लंगर खाना बनाया गया था। जिसमें रोटी बनाने से लेकर सब्जी पकाने की मशीने लगाई गई थी। साथ ही लंगर खाने में वीआईपी रूम और दो बड़े हॉल है, जहां सैकड़ों जायरीन एक साथ बैठकर लंगर चख सकते हैं।