रुड़की। शिक्षा विभाग ने जिलेभर के साढ़े चार सौ से अधिक शिक्षकों की रिकवरी की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, शिक्षक संगठन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। विभाग ने एक जनवरी 2006 के बाद प्रमोशन और चयन वेतनमान पाने वाले शिक्षकों को 17140 वेतनमान का लाभ न दिए जाने के आदेश जारी किया हैं। वहीं, दूसरी ओर एक जनवरी 2006 के बाद भी 17140 वेतनमान का लाभ लेने वाले शिक्षकों से रिकवरी के आदेश भी जारी किए हैं।
उत्तराखंड प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने एक बैठक राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 18 में आयोजित की गई। बैठक में एक जनवरी 2006 के बाद प्रदोन्नति/चयन वेतनमान पाने वाले शिक्षकों को 4600 ग्रेड पे पर 17140 वेतनमान का लाभ नहीं मिल पाने को लेकर चर्चा की गई। ब्लाक अध्यक्ष मनोज धीमान ने कहा कि सरकार की दोहरी व्यवस्था का विरोध किया जा रहा है, जो शिक्षक एक जनवरी 2006 के बाद प्रमोशन पाकर जूनियर हाई स्कूल में आए, उन शिक्षकों को 17140 वेतनमान का लाभ नहीं दिया जाएगा, जबकि जो 2006 के पहले प्रमोशन पा चुके है। उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरासर गलत है। सभी को इसका लाभ दिया जाना चाहिए। जबकि अर्द्र्ध सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को इसका लाभ दिया जा रहा है। बताते चले कि शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर अलग-अलग शासनादेश जारी होने के बाद जिले के करीब 450 शिक्षकों को 2006 के प्रमोशन के बाद भी इसका लाभ दिया जा रहा है। अब इस आदेश के तहत इन सभी शिक्षकों द्वारा लिए गए लाभ को रिकवरी कर वापस लिया जाएगा। बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने विभाग के इस फैसले को लेकर न्यायालय में चुनौती देने का फैसला लिया है। पदाधिकारियों ने चुनौती दी है कि यदि शिक्षकों को 17140 वेतनमान का लाभ नहीं दिया जाता है, तो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटा जाएगा। इस दौरान अरुण शर्मा, मनोज धीमान, विनय सुंदरियाल, पवन सैनी, बालेश्वर शर्मा, राजेंद्र सैनी, अनूप बंसल, रीटा सैनी, विपिन कुमार, कमला भट्ट, नीलम शर्मा, अनु सैनी, संजय यादव, नसीम अख्तर, शिखा रानी, उर्मिला पुंडीर, नीता त्यागी, संगीता सैनी, नीलम चौहान, शशी बाला, कंचन पंवार, अशोक सैनी, वीपी सिंह, सतीश चौहान, जोगेंद्र सिंह एवं इसरार अहमद आदि शिक्षक मौजूद रहे।