नारसन बिजली घर पर धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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तार टूटने के कारण नारसन क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव की बिजली आपूर्ति करीब 38 घंटे बाधित रही। लंबी आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए ग्रामीणों ने नारसन बिजलीघर पर धरना-प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी कर की। उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में आपूर्ति शुरू होने पर ग्रामीण शांत हुए।
बृहस्पतिवार की रात करीब एक बजे नारसन क्षेत्र के नारसन खुद, मोहम्मदपुर जट्ट, खेड़ा जट्ट, उल्हेड़ा, बुढ़पुर जट्ट आदि गांव की बिजली अचानक गुल हो गई। इसके बाद दिनभर आपूर्ति गुल रही। ग्रामीणों को जानकारी मिली कि 132 केवी का तार टूटने के कारण आपूर्ति बाधित है, जिसे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद शुक्रवार सुबह तक भी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इस कारण ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीण भारतीय किसान यूनियन टिकैत के गढ़वाल महामंत्री अरविंद राठी के नेतृत्व में नारसन बिजलीघर पर पहुंच गए। यहां पहुंच उन्होंने ऊर्जा निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजलीघर पर तालाबंदी कर दी और नारसन बिजलीघर पर ही धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक आपूर्ति शुरू नहीं की जाती है धरना जारी रहेगा। तालाबंदी के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारी हरकत में आ गए। अधिकारियों ने टूटे तार को जुड़वाकर बिजली आपूर्ति बहाल करवाई। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान सुनील कुमार, मोहित, प्रवीण, महिपाल सिंह, मोंटी सिंह, राजपाल आदि मौजूद रहे।
मंगलौर क्षेत्र में जिस जगह तार टूटा था, वहां के किसान तार जुड़ने नहीं दे रहे थे। इस वजह से लंबा समय लगा। बाद में किसी तरह किसानों को समझाने के बाद उन्होंने तार जोड़ने दिया। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल करवाई गई।
ईश्वर चंद, जेई, ऊर्जा निगम