ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
जीवनदीप आश्रम में चल रही पांच दिवसीय रामकथा सत्संग में वृंदावन से पधारे कथाव्यास रघुवरदास ने भगवान श्रीराम के विवाह का मनोहारी वर्णन किया। कथा के चौथे दिन भक्तों ने महाराज की वाणी का मंत्रमुग्ध होकर रसपान किया।
जीवनदीप पीठाधीश्वर परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्र आनंद गिरि ने तपस्या के महत्व को बताया। सुबह के समय हनुमानजी का सिंदूर पूजन किया गया और सुंदरकांड का पाठ भी हुआ। इसके बाद हवन यज्ञ कराया गया। हनुमानजी को लड्डू के सवामणी का भोग लगाया गया। इसके बाद भंडारे का प्रसाद भक्तों ने ग्रहण किया। इस मौके पर प्रवीण सब्बरवाल, नूतन सब्बरवाल, केपी सिंह, सुदर्शना, डॉ. बृजपाल, अंकित, शिव कुमार, श्रीकांत, मनोज, पंकज, सौरभ स्वराज, मोहित शास्त्री, प्रदीप अवस्थी, संतोष गुप्ता, प्रेम रावत, आदित्य पंवार, बृजचंदन त्यागी व गौरव गोयल आदि मौजूूद रहे।