पिरान कलियर। दरगाह के बने हाईटेक लंगर खाने में लोगों को लंगर में ही खाना खिलाए जाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इसका शुभारंभ वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अब्दुल अलीम अंसारी, नायब तहसीदार प्रीतम सिंह, दरगाह प्रबंधक शमशाद अंसारी ने लोगों को टोकन देकर किया।
दरगाह पिरान कलियर के लंगर खाने में सैकड़ों सालों से खाना खिलाए जाने की परंपरा चली आ रही है, लेकिन दरगाह प्रशासन ने लंगर खाने में ही बैठाकर खाना खिलाए जाने की व्यवस्था लागू की है। सोमवार को दरगाह के बने हाईटेक लंगर खाने के हॉल में लोगों को बैठाकर खाना खिलाया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य कार्यपालक अधिकारी अब्दुल अलीम अंसारी, नायब तहसीदार प्रीतम सिंह, दरगाह प्रबंधक शमसाद अंसारी ने लोगों को टोकन देकर किया। जिसके लिए सुबह से खाना खाने केलिए लोगों की लाईन लग गई थी। खाना खिलाने के लिए दरगाह के कई कर्मचारियोंको लगाया है। हाईटेक लंगर खाने में खाना खिलाने के लिए हॉल में कई टेबल बनाई गई थीं। लंगर में एक बार मे 200 लोगों को टोकन देकर खाना खिलाया जा रहा है। दोपहर के समय करीब 700 लोगों ने खाना खाया। इस तरह रोजाना एक दिन में करीब 1400 लोगों को खाना खिलाया जाएगा। लंगर खिलाए जाने के दौरान कुछ लोग अपने घरों के लिए खाना लेने के लिए पहुंचे। जिस पर दरगाह प्रशासन ने वहीं बैठकर खाना खाने के लिए कहा। जिससे कुछ लोग बिना खाए ही वापस लौट गए। मुख्य कार्यपालक अधिकारी अब्दुल अलीम अंसारी का कहना है कि सैकड़ों साल पहले लंगर में बैठाकर ही खाना खिलाए जाने की परंपरा थी। बीच मे किसी कारण लंगर के खाने को घरों के लिए बांटना शुरू कर दिया गया था। उन्होंने लोगों से नई व्यवस्था में सहयोग की अपील की। दरगाह प्रबंधक शमशाद अंसारी ने बताया कि अब किसी को भी घरों के लिए खाना नहीं दिया जाएगा। लंगर में कोई भी बैठकर खाना खा सकता है। इस मौके पर लंगर इंचार्ज हारून, सुपरवाइजर राव शारिक, इंतखाब आलम, अब्दुल्ला, सिकंदर, लेखपाल महेश चौहान, अहसान कुरैशी आदि दरगाह कर्मचारी मौजूद रहे।