शादियों के सीजन में रविवार का अब तक का सबसे बड़ा सहालग रहा। एक आंकड़े के अनुसार इस सहालग में शहर से लेकर देहात तक 120 से ज्यादा शहनाइयां बजी। सहालग में अधिकतर शादियां रात के समय हुई। हालांकि दिन की शादियों में लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
15 नवंबर से देवउठावनी एकादशी के साथ ही वैवाहिक कार्य शुरू हो गए थे। पहले ही दिन शहर में कई जगह शादी समारोह आयोजित किए गए। कोरोना के चलते दो साल से सहालग कोरोना गाइडलाइन से आयोजित हो रहा था, ऐसे में ज्यादा सहालग होने के बावजूद लोग कम ही शादियां कर रहे थे। इस बार शादियों का सहालग कोरोना गाइडलाइन से मुक्त है। ऐसे में इस बार सामान्य से ज्यादा शादियां हो रही हैं। वहीं 21 नवंबर का सहालग इस साल का सबसे बड़ा सहालग बताया जा रहा है। यही कारण है कि इस सहालग के लिए शहर से लेकर देहात तक सभी बैंक्वेट हॉल और वेडिंग प्वाइंट कई महीने पहले ही बुक हो गए थे। शहर में वेडिंग प्वाइंट संचालकों और पंडितों के अनुसार 21 नवंबर को शहर से लेकर देहात तक 120 से ज्यादा शादियां हुईं। शहर के ग्रेट वेदांतम रिजॉर्ट वेडिंग प्वाइंट के विशाल वत्स ने बताया कि रविवार के लिए उनके पास पांच महीने पहले ही बुकिंग हो गई थी। इसके अलावा आसपास के वेडिंग प्वाइंट भी पहले से ही बुक हो चुके थे। अब अगला सहालग 27 और 28 नवंबर को है। वहीं आचार्य रजनीश शास्त्री ने बताया कि देवउठावनी एकादशी से शादियों का सहालग शुरू हो गया था। 21 नवंबर को बड़ा सहालग है। बताया कि शहर से लेकर देहात तक रविवार को 110 से ज्यादा शादियां थीं। वहीं बड़े स्तर पर हुई शादियों के चलते लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिन में तो जैसे-तैसे जाम से लोग निकल गए, लेकिन रात में हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा। वहीं शहर की गलियों में बरात निकालने से लोग परेशान रहे।