जिले में पशुधन प्रसार अधिकारियों के करीब 19 पद रिक्त पड़े हैं। दो साल से अधिकांश पशु सेवा केंद्रों में पशुधन प्रसार अधिकारी न होने से पशु सेवा केंद्रों पर ताले लटके हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी का काम नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्रों के फार्मोसिस्टों से लिया जा रहा है। ऐसे में पशु पालकों को परेशानी होने के साथ ही विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
जिले में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 37 पद सृजित हैं। लेकिन जिले में करीब दो साल से पशुधन प्रसार अधिकारियों की तैनाती न होने से मानूबास, तांशीपुर, खुजरपुर, श्यामपुर, सुमन नगर, सलेमपुर, मोहम्मदपुर जट, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, पोडोवाली, भिक्कमपुर, हबीबपुर नवादा, खेड़ी शिकोहपुर, सिकंदरपुर, चंद्रापुरी, भौंरी, ढंडेरा समेत अन्य पशु सेवा केंद्रों पर पशुधन प्रसार अधिकारी के पद खाली पड़े हैं। जिन पशु सेवा केंद्रों से पशुधन प्रसार अधिकारी रिटायर्ड हुए उन स्थानों पर दोबारा पशुधन प्रसार अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि पशुधन प्रसार अधिकारियों के पद रिक्त होने से क्षेत्र में टीकाकरण और प्रसार प्रसार का काम प्रभावित हो रहा है। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पशुओं में टीकाकरण के लिए स्थानीय पशु चिकित्सा केंद्रों के डाक्टरों के भरोसे रहना पड़ता है।
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पशुधन प्रसार अधिकारियों की तैनाती के लिए मुख्यालय को लिखा गया है। शासन से पशुधन प्रसार अधिकारी मिलते ही खाली पड़े पशु सेवा केंद्रों में उनकी तैनाती की जाएगी।
बीसी कर्नाटक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हरिद्वार